2 जुलाई की घटना के बाद बड़ा फैसला
Badrinath Dham photography ban: बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने बद्रीनाथ धाम में फोटो खिंचवाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। यह फैसला 2 जुलाई को मंदिर परिसर के बाहर हुई दो गुटों की लड़ाई के बाद लिया गया है। समिति ने इस घटना को धाम की गरिमा और मर्यादा के खिलाफ माना है।
सिंहद्वार पर फोटो को लेकर हुआ था विवाद
मंदिर के सिंहद्वार की सीढ़ियों पर दो समूहों के बीच फोटो खिंचवाने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। पहले इसे दर्शन को लेकर झगड़ा बताया जा रहा था, लेकिन BKTC ने साफ किया कि मामला फोटोग्राफी को लेकर था।
मंदिर क्षेत्र में पहले से है फोटोग्राफी पर रोक
बद्रीनाथ मंदिर परिसर के 50 मीटर के दायरे में पहले से ही फोटोग्राफी और रील्स बनाने पर रोक है। बावजूद इसके कई श्रद्धालु इन नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। इसी को देखते हुए अब समिति ने सख्ती बरतते हुए सिंहद्वार की सीढ़ियों पर फोटो खिंचवाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।
श्रद्धालुओं से की गई संयम और मर्यादा की अपील
मंदिर समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे धाम की पवित्रता और गरिमा को बनाए रखें। भक्तों से कहा गया है कि वे मंदिर के बाहर निर्धारित खुले क्षेत्र में ही फोटो लें और सोशल मीडिया के लिए रील्स या वीडियो बनाने से बचें।
व्यवस्था बनाए रखने को प्रशासन भी सतर्क
Badrinath Dham photography ban: समिति के इस नए निर्णय के बाद प्रशासन भी सतर्क हो गया है। मंदिर परिसर में पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्रशासन का उद्देश्य है कि भक्त शांतिपूर्वक दर्शन करें और धाम की मर्यादा बनी रहे।
