Bada Mangal 2025: आज, ज्येष्ठ माह का दूसरा बड़ा मंगल मनाया जाएगा। ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले मंगलवारों का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है। जो संपूर्ण रूप से हनुमान जी को समर्पित होता है। साल 2025 में पहला बड़ा मंगल 13 मई को मनाया गया था, और अब दूसरा बड़ा मंगल 20 मई 2025 को मनाया जा रहा हैं। यह दिन विशेष रूप से हनुमान जी की पूजा और भक्ति के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन की पूजा विधि, महत्व और दान के बारे में जानना भक्तों के लिए लाभकारी होगा।
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आपको बता दें कि, हनुमान जी को संकटमोचन और भक्तवत्सल देवता माना जाता है। उनकी कृपा से जीवन के समस्त कष्ट, रोग, भय और बाधाएं समाप्त हो जाती हैं। बड़ा मंगल का दिन इसीलिए बहुत शुभ और फलदायक माना जाता है।
बड़ा मंगल का पौराणिक और धार्मिक महत्व..
मान्यता है कि जब हनुमान जी लंका से संजीवनी बूटी लेकर लौटे थे, तब उन्होंने कुछ समय के लिए उत्तर भारत में विश्राम किया था। तभी से ज्येष्ठ माह के मंगलवार को उनकी विशेष पूजा का प्रचलन शुरू हुआ।

कहा जाता है कि बड़े मंगल के दिन हनुमान जी की पूजा करने से भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी की भी कृपा प्राप्त होती है। इसके साथ ही, इस दिन किए गए दान-पुण्य और भंडारे के आयोजन से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है।
कैसे करें बड़े मंगल की पूजा?
बड़े मंगल के दिन विशेष रूप से हनुमान जी की पूजा की जाती है।
1. सुबह ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करें और लाल या भगवा रंग के स्वच्छ वस्त्र पहनें।
2. पूजा स्थल को स्वच्छ करें और वहां एक लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं।
3. चौकी पर हनुमान जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
4. हनुमान जी के समक्ष घी का दीपक जलाएं और धूप अर्पित करें।
5. हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल, चांदी का वर्क, फूल, चावल और बेसन के लड्डू अर्पित करें।
6. मंत्र जाप: ‘ॐ ऐं ह्लीं हनुमते श्रीरामदूताय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें।
7. हनुमान चालीसा का पाठ करें और आरती के बाद प्रसाद का वितरण करें

इस दिन पूजा करते समय निम्नलिखित सामग्रियों का उपयोग करें…
सिंदूर अर्पण करें…
हनुमान जी को सिंदूर अत्यंत प्रिय है। भक्तजन इस दिन उन्हें सिंदूर अर्पित करते हैं और यह माना जाता है कि इससे उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह भी मान्यता है कि हनुमान जी ने स्वयं अपने शरीर पर सिंदूर लगाया था ताकि भगवान राम को दीर्घायु मिले।
चमेली का तेल और चोला…
बजरंगबली को चमेली का तेल और लाल रंग का चोला चढ़ाने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। चमेली के तेल का दीपक जलाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।
बेसन के लड्डू और बूंदी…
हनुमान जी को बेसन के लड्डू और बूंदी अत्यंत प्रिय हैं। इनका भोग लगाने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। कई स्थानों पर बूंदी के लड्डुओं की माला बनाकर भी हनुमान जी को अर्पित की जाती है।
गुड़ और चना…
मंगल दोष से मुक्ति पाने के लिए हनुमान जी को गुड़ और भुने हुए चने का भोग अर्पित करें। यह उपाय बहुत प्रभावी माना गया है, खासकर उन लोगों के लिए जिनकी कुंडली में मंगल ग्रह अशुभ स्थिति में है।
केला
केला हनुमान जी का प्रिय फल माना गया है। बड़े मंगल पर केला चढ़ाने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों पर विशेष कृपा करते हैं।
तुलसी
हनुमान जी की पूजा में तुलसी का विशेष स्थान है। किसी भी भोग या प्रसाद में तुलसी पत्र जरूर रखें। यह शुद्धता और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है।

भंडारा: सेवा भाव का प्रतीक..
बड़े मंगल के अवसर पर देश के कई हिस्सों में, खासकर लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी जैसे शहरों में भव्य भंडारों का आयोजन किया जाता है। यह सेवा भाव का एक सुंदर उदाहरण है, जहां लोग निःस्वार्थ भाव से हजारों श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था करते हैं।
मान्यता है कि भंडारा करने वाले को हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और उसके जीवन में धन, ऐश्वर्य और सुख-शांति बनी रहती है। लखनऊ में तो बड़े मंगल के अवसर पर भंडारा लगाना एक परंपरा बन चुकी है।
ज्योतिषीय लाभ…
बड़े मंगल पर हनुमान जी की पूजा से मंगल दोष, शनि दोष, कालसर्प योग, जैसे ग्रहदोषों से छुटकारा मिलता है। जिन लोगों की कुंडली में मांगलिक दोष होता है, उन्हें इस दिन व्रत करके हनुमान जी की आराधना अवश्य करनी चाहिए।
