Bad breath remedies:अक्सर आपने देखा होगा कि कुछ लोगों को सांसों की बदबू (Halitosis) की समस्या होती है। वह इस वजह से लोगों से कई बार खुलकर बात करने से भी हिचकिचाते है। तो कई लोग इसे आम समस्या मान कर नजरअंदाज कर देते है। वैसे तो यह एक आम समस्या है पर अगर इस पर ध्यान न दिया जाए तो यह समस्या किसी गंभीर बीमारी का रूप भी ले सकती है। लेकिन इसे रोकना संभव है आप भी इस समस्या से छुटकारा पा सकते है ।
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क्या हैं इस समस्या के कारण
सांसों से दुर्गंध के मुख्य कारण आम तौर पर लहसुन-प्याज जैसी चीजें खाने के बाद आना सामान्य है। लेकिन जब यह समस्या लगातार बनी रहे तो उसका ध्यान देना जरूरी हो जाता है। कुछ आम कारण जिनकी वजह से मुंह से दुर्गंध की समस्या पैदा होती है .

पानी की कमी
यह एक मुख्य कारण है दरअसल अगर हमारा मुंह हाइड्रेट नहीं रहता तो ड्राई माउथ की समस्या बनती है इसमें जो लार (saliva) मुंह को साफ और बैक्टीरिया-फ्री रखने में मदद करती है। जब शरीर पर्याप्त लार नहीं बनता तो मुंह सूख जाता है और बदबू आने लगती है.
खराब ओरल हाइजीन
इसमें नियमित ब्रश न करना बन सकता है इस स्थिति में मुंह में बैक्टीरिया जम जाता है इससे बदबू तो बढ़ती ही है कैविटी और मसूड़ों की बीमारियां भी हो सकती हैं।
मसूड़ों की समस्या
मसूड़ों की कोई बीमारी जैसे गम डिजीज के कारण समस्या अधिक बढ़ जाती है । मसूड़ों से खून आना इस समस्या को और गंभीर बनाता है ।
जीभ की सफाई न करना
जब भोजन या मुंह के अंदर की गंदगी टॉन्सिल की झिल्लियों में फंस जाती है तो समय के साथ यह कठोर होकर कैल्शियम जमाव का रूप ले लेती है। इन्हें ही टॉन्सिल स्टोन कहा जाता है। इसकी वजह से मुंह से दुर्गंध आने लगती है।
गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (GERD)
यह एक पाचन संबंधी समस्या है, जिससे पेट का एसिड यानी फ्लुइड वापस भोजन नली (esophagus) में आ जाता है, जिससे बदबू आ सकती है।

दुनिया में 4 में से 1 व्यक्ति इससे प्रभावित
मुंह से बदबू दुनियाभर में हर 4 में से 1 व्यक्ति को प्रभावित करती है। ‘क्लिनिकल ओरल इन्वेस्टिगेशन’ जर्नल में साल 2017 में पब्लिश हुइ एक स्टडी के मुताबिक, एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया जिस के मुताबिक दुनिया भर में करीब 31.8% लोग सांसों की बदबू से प्रभावित है।
इससे बचने के क्या क्या है उपाय
मुंह से दुर्गंध की समस्या से बचने के लिए सबसे जरूरी है अच्छी ओरल हाइजीन बनाए रखना। दिन में कम से कम दो बार ब्रश करें और रोजाना फ्लॉस करें ताकि दांतों के बीच फंसे भोजन के कण हट सकें।
- दांतों के साथ जीभ की भी नियमित सफाई करें
दांत के साथ जीभ की सफाई भी जरूरी है क्योंकि उस पर बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं। पानी भरपूर पिएं ताकि मुंह सूखा न रहे और लार का उत्पादन बना रहे, जो कि प्राकृतिक रूप से मुंह को साफ रखती है।
- किसी भी तरह की तंबाकू को कहें न
स्मोकिंग और तंबाकू का सेवन बंद करें क्योंकि ये मुंह सूखने और बैक्टीरिया बढ़ने का बड़ा कारण हैं किसी भी तरह की बीड़ी, सिगरेट या जरदे से दूर रहें ।
- ताजे फल व सब्जियों का सेवन करें
मुंह को फ्रेश रखने वाले फलों और सब्जियों जैसे सेब, गाजर आदि का सेवन करें। माउथवॉश का इस्तेमाल करें जो बैक्टीरिया को मारने में मदद करे।
समय समय पर डेंटिस्ट से चेकअप कराएं
Bad breath remedies: हर 6 महीने में एक बार डेंटिस्ट से चेकअप जरूर कराएं ताकि कैविटी या मसूड़ों की बीमारी समय रहते पकड़ी जा सके। यदि बदबू लगातार बनी रहती है, तो यह किसी अंदरूनी बीमारी जैसे GERD, डायबिटीज या लिवर/किडनी संबंधी समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। अच्छी दिनचर्या और साफ-सफाई की आदत से इस परेशानी से आसानी से बचा जा सकता है।
