Murshidabad Babri style mosque: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में निलंबित TMC विधायक हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद जैसी दिखने वाली मस्जिद की नींव रखकर नई राजनीतिक और धार्मिक बहस छेड़ दी है। समारोह में भारी सुरक्षा के बीच मौलवियों के साथ मंच पर फीता काटकर शिलान्यास किया गया, जिसकी टाइमिंग बाबरी विध्वंस की 33वीं बरसी से भी जोड़ी जा रही है।
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Murshidabad Babri style mosque: 11 पेटी चंदा, नोट गिनने की मशीन मंगानी पड़ी
शिलान्यास के बाद सामने आए एक वीडियो में हुमायूं कबीर के घर पर लोग नोटों के ढेर के बीच बैठे दिखाई दे रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, कार्यक्रम में करीब 11 पेटी चंदा इकट्ठा हुआ, जिसे गिनने के लिए 30 लोगों की टीम और नोट गिनने की मशीन लगानी पड़ी। दावा किया जा रहा है कि करीब 93 लाख रुपए ऑनलाइन डोनेशन के रूप में भी आए हैं, हालांकि आधिकारिक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है। समारोह में कई लोग सिर पर ईंट रखकर पहुंचे और मस्जिद निर्माण के लिए ईंटें, नकद और अन्य रूप में सहयोग देने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं।
हुमायूं कबीर की नई प्लानिंग: 1 लाख लोगों से कुरान पाठ
शिलान्यास के कुछ ही समय बाद हुमायूं कबीर ने एक और बड़ा ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि फरवरी में 1 लाख लोगों से कुरान का पाठ करवाया जाएगा और उसके बाद ही बाबरी मस्जिद जैसी इस मस्जिद का निर्माण शुरू होगा। कबीर ने यह भी दावा किया कि वे मुसलमानों के लिए काम करने वाली नई पार्टी बनाएंगे और पश्चिम बंगाल विधानसभा की 135 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। उन्होंने बताया कि वे असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के संपर्क में हैं और भविष्य में किसी तरह के गठबंधन की संभावना से इनकार नहीं किया। यह पूरा घटनाक्रम सीधे तौर पर अल्पसंख्यक वोट बैंक की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
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TMC ने दूरी बनाई, कबीर सस्पेंड
जब 28 नवंबर को बेलडांगा में बाबरी मस्जिद के शिलान्यास के पोस्टर लगे और 6 दिसंबर को कार्यक्रम का ऐलान हुआ, तो राजनीतिक विवाद शुरू हो गया। बीजेपी ने इसका तीखा विरोध किया, जबकि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने समर्थन में बयान दिए। 3 दिसंबर को TMC ने आधिकारिक तौर पर साफ किया कि बाबरी जैसी मस्जिद के शिलान्यास से पार्टी का कोई संबंध नहीं है और यह हुमायूं कबीर की व्यक्तिगत घोषणा है। अगले ही दिन, 4 दिसंबर को पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया। कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने कहा कि TMC सांप्रदायिक राजनीति में विश्वास नहीं करती, वहीं कबीर ने पलटकर जवाब दिया कि वे अपने बयान पर कायम हैं और 22 दिसंबर को अपनी नई पार्टी की घोषणा करेंगे।
