Skip to content
nationmirror.com

Nationmirror.com

Primary Menu
  • देश-विदेश
  • मध्य प्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • हिमाचल प्रदेश
  • पंजाब
  • हरियाणा
  • गुजरात
  • राजस्थान
  • बिहार
  • झारखंड
  • जुर्म गाथा
  • खेल
  • फाइनेंस
  • ENTERTAINMENT
  • सनातन
  • Lifestyle
  • Infotainment
Video
  • Home
  • Top Story
  •  बाबा रामदेव का ‘शरबत जिहाद’ विवाद : दिल्ली हाईकोर्ट में आज होगी बड़ी सुनवाई
  • Top Story
  • देश-विदेश

 बाबा रामदेव का ‘शरबत जिहाद’ विवाद : दिल्ली हाईकोर्ट में आज होगी बड़ी सुनवाई

Shital Sharma May 9, 2025

baba ramdev sharbat : बाबा रामदेव फिर विवादों में,‘शरबत जिहाद’ पर कोर्ट की नजर

baba ramdev sharbat : योग गुरु और पतंजलि के संस्थापक बाबा रामदेव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार मामला उनके द्वारा हमदर्द कंपनी के मशहूर शरबत रूह अफजा पर की गई टिप्पणी का है, जिसे उन्होंने ‘शरबत जिहाद’ करार दिया। इस बयान ने न केवल सोशल मीडिया पर हंगामा मचाया, बल्कि दिल्ली हाईकोर्ट में भी एक बड़ा कानूनी विवाद खड़ा कर दिया। आज, 9 मई 2025 को, दिल्ली हाईकोर्ट में इस मामले की अहम सुनवाई होने वाली है। आखिर क्या है यह पूरा मामला? रामदेव के बयान ने कैसे इतना बड़ा विवाद खड़ा किया? और कोर्ट अब तक क्या कह चुका है? आइए, इस लेख में विस्तार से जानते हैं।

‘शरबत जिहाद’ विवाद की शुरुआत: रामदेव ने क्या कहा?

3 अप्रैल 2025 को बाबा रामदेव ने पतंजलि का नया गुलाब शरबत लॉन्च किया। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक 10 मिनट का वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने बिना नाम लिए हमदर्द के रूह अफजा पर निशाना साधा। रामदेव ने कहा:

  “एक कंपनी शरबत बनाती है, और उससे होने वाली कमाई से मस्जिदें और मदरसे बनाए जाते हैं। अगर आप उस शरबत को पीते हैं, तो मस्जिदें और मदरसे बनेंगे। लेकिन अगर आप पतंजलि का शरबत पीएंगे, तो गुरुकुल, आचार्यकुलम, और भारतीय शिक्षा का विकास होगा। यह ‘शरबत जिहाद’ है, जैसे लव जिहाद और वोट जिहाद चल रहा है।”

इस बयान ने तुरंत विवाद को जन्म दिया। हमदर्द कंपनी, जो रूह अफजा की निर्माता है, ने इसे धार्मिक आधार पर हमला और नफरत फैलाने वाला बयान करार दिया। कंपनी ने दिल्ली हाईकोर्ट में रामदेव के खिलाफ याचिका दायर की, जिसमें उनके बयान को ‘हेट स्पीच’ और सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने वाला बताया गया।

दिल्ली हाईकोर्ट का रुख: रामदेव पर सख्त टिप्पणियां

दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लिया और कई सुनवाइयों में रामदेव के खिलाफ कड़ी टिप्पणियां कीं। आइए, अब तक की सुनवाइयों का सारांश देखते हैं:

22 अप्रैल 2025: कोर्ट का पहला आदेश

हाईकोर्ट ने रामदेव के बयान को “अक्षम्य” और “अदालत की अंतरात्मा को झकझोरने वाला” करार दिया। जस्टिस अमित बंसल ने साफ आदेश दिया कि रामदेव हमदर्द के उत्पादों पर कोई बयान न दें और न ही कोई वीडियो साझा करें। कोर्ट ने उन्हें पांच दिनों के भीतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।

1 मई 2025: कोर्ट की नाराजगी

1 मई की सुनवाई में कोर्ट ने पाया कि रामदेव ने न केवल कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया, बल्कि एक नया आपत्तिजनक वीडियो भी साझा किया। जस्टिस बंसल ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा:

“रामदेव किसी के वश में नहीं हैं। वे अपनी ही दुनिया में रहते हैं। उनका हलफनामा और यह नया वीडियो प्रथम दृष्टया अवमानना के दायरे में आता है। अब हम अवमानना नोटिस जारी करेंगे और उन्हें कोर्ट में बुलाएंगे।”

2 मई 2025: रामदेव के वकील का आश्वासन

वकील(हमदर्द )ने कोर्ट को बताया कि रामदेव का नया वीडियो यूट्यूब से हटाया नहीं गया, बल्कि केवल प्राइवेट किया गया, जिसे उनके सब्सक्राइबर्स अभी भी देख सकते हैं। इस पर रामदेव के वकील ने आश्वासन दिया कि 24 घंटे के भीतर सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से आपत्तिजनक हिस्से हटा दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि एक हफ्ते के भीतर हलफनामा दाखिल किया जाएगा। कोर्ट ने अगली सुनवाई 9 मई के लिए निर्धारित की।

हमदर्द का पक्ष: ‘यह धार्मिक हमला है’

हमदर्द के वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कोर्ट में दमदार दलीलें पेश कीं। उन्होंने कहा:

 “रामदेव का बयान न केवल रूह अफजा को बदनाम करता है, बल्कि यह धर्म के आधार पर हमला है। यह हेट स्पीच है, जो सांप्रदायिक विभाजन पैदा करता है। रामदेव एक प्रसिद्ध हस्ती हैं, लेकिन वे दूसरों के उत्पादों की निंदा किए बिना अपने उत्पाद नहीं बेच सकते।”

रोहतगी ने रामदेव के पिछले विवादों का भी जिक्र किया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें भ्रामक विज्ञापनों और एलोपैथिक दवाओं के खिलाफ बयानों के लिए माफी मांगने का आदेश दिया था। उन्होंने कहा कि रामदेव का यह बयान उनकी पुरानी आदतों का हिस्सा है, जहां वे विवादास्पद बयानों से सुर्खियां बटोरते हैं।

आज की सुनवाई: क्या होगा अगला कदम?

आज, 9 मई 2025 को, दिल्ली हाईकोर्ट इस बात की समीक्षा करेगा कि रामदेव ने कोर्ट के आदेशों का पालन किया है या नहीं। विशेष रूप से, कोर्ट यह देखेगा कि

  • क्या रामदेव ने आपत्तिजनक वीडियो को पूरी तरह हटाया है?
  • क्या उन्होंने समय पर हलफनामा दाखिल किया?
  • क्या उनके खिलाफ अवमानना नोटिस जारी होगा?

जस्टिस अमित बंसल पहले ही रामदेव के रवैये पर नाराजगी जता चुके हैं। अगर कोर्ट को लगता है कि रामदेव ने आदेशों का उल्लंघन किया है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है, जिसमें अवमानना नोटिस या व्यक्तिगत पेशी का आदेश शामिल हो सकता है।

शरबत जिहाद का सामाजिक प्रभाव

रामदेव के इस बयान ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है। कुछ लोग उनके समर्थन में हैं, जो मानते हैं कि वे भारतीय संस्कृति और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दे रहे हैं। वहीं, बड़ा वर्ग इसे धार्मिक आधार पर नफरत फैलाने वाला बयान मानता है। रूह अफजा, जो भारत में दशकों से एक लोकप्रिय पेय रहा है, को इस तरह के विवाद में घसीटे जाने से हमदर्द की ब्रांड छवि पर भी असर पड़ा है।

रामदेव के विवादों का इतिहास

यह पहली बार नहीं है जब रामदेव विवादों में घिरे हैं। कुछ प्रमुख विवादों पर नजर

  • 2021: एलोपैथी विवाद: रामदेव ने कोविड-19 के दौरान एलोपैथिक दवाओं को “बेकार” बताया, जिसके बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
  • 2022: भ्रामक विज्ञापन: सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि के भ्रामक विज्ञापनों पर कड़ी फटकार लगाई और रामदेव को सार्वजनिक माफी मांगने का आदेश दिया।
  • 2025: शरबत जिहाद: यह ताजा विवाद उनकी छवि को और नुकसान पहुंचा सकता है।

 क्या होगा रामदेव का अगला कदम?

‘शरबत जिहाद’ मामला न केवल रामदेव और हमदर्द के बीच का कानूनी विवाद है, बल्कि यह एक बड़ा सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दा भी बन चुका है। दिल्ली हाईकोर्ट की आज की सुनवाई इस मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकती है। क्या रामदेव को कोर्ट की सख्ती का सामना करना पड़ेगा, या वे अपने बयान पर माफी मांगकर मामला शांत करेंगे? यह देखना दिलचस्प होगा।

इस बीच, यह मामला हमें यह भी सोचने पर मजबूर करता है कि सार्वजनिक हस्तियों को अपने बयानों में कितनी सावधानी बरतनी चाहिए। क्या आप इस मामले पर अपनी राय साझा करना चाहेंगे? नीचे कमेंट करें और हमें बताएं!

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. शरबत जिहाद विवाद क्या है?

यह विवाद बाबा रामदेव के उस बयान से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने हमदर्द के रूह अफजा को ‘शरबत जिहाद’ कहकर निशाना साधा और दावा किया कि इससे होने वाली कमाई मस्जिदों और मदरसों में जाती है।

2. दिल्ली हाईकोर्ट ने रामदेव को क्या आदेश दिया?

कोर्ट ने रामदेव को हमदर्द के उत्पादों पर बयान देने या वीडियो साझा करने से मना किया और हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया।

3. हमदर्द ने कोर्ट में क्या दलील दी?

हमदर्द ने रामदेव के बयान को हेट स्पीच और धार्मिक आधार पर हमला बताया, जो सांप्रदायिक विभाजन पैदा करता है।

4. आज की सुनवाई में क्या हो सकता है?

कोर्ट यह जांचेगा कि रामदेव ने आदेशों का पालन किया या नहीं। उल्लंघन पाए जाने पर अवमानना नोटिस या सख्त कार्रवाई हो सकती है।

लेखक के बारे में: यह लेख एक अनुभवी पत्रकार Shital Sharma द्वारा लिखा गया है, जो कानूनी और सामाजिक मुद्दों पर गहन विश्लेषण प्रदान करते हैं। नवीनतम अपडेट के लिए हमारे न्यूज पोर्टल से जुड़े रहें।

Raed More:- नया पोप लियो-14 चुना गया: अमेरिका से पहला कार्डिनल बना वेटिकन का नेता!

Watch Now:-Nation Mirror पर बोले सेना के रिटायर्ड मेजर जनरल जी. डी. बक्शी

About the Author

Shital Sharma

Administrator

i am contant writer last 10 Years, worked with Vision world news channel, Sadhna News, Bharat Samachar and many web portals.

View All Posts

Post navigation

Previous: Bhind Tehsildar Attack: भिंड जिले में बड़ा प्रशासनिक हमला, नायब तहसीलदार को घेरकर जेसीबी ले गए दबंग
Next: Arijit Singh Concert Cancelled: भारत-पाकिस्तान के बीच वॉर जारी, अरिजीत सिंह का कॉन्सर्ट कैंसिल…

Related Stories

L-Bhopal280226025640
  • Top Story
  • मध्य प्रदेश

भोपाल गैस त्रासदी स्थल पर बनने जा रहा है नए भारत का प्रतीक, 87 एकड़ में बदलेगी इतिहास की तस्वीर?

Gautam sharma February 28, 2026
Uttarakhand e-Zero FIR
  • उत्तराखंड
  • देश-विदेश

उत्तराखंड में शुरू होगी ई-जीरो FIR व्यवस्था, शाह करेंगे शुभारंभ

himani Shrotiya February 28, 2026
firecracker factory blast
  • Top Story
  • देश-विदेश

आंध्र प्रदेश की पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट, 18 लोगों की मौत

himani Shrotiya February 28, 2026
  • सबके हितों की करेंगे रक्षा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • वन्य जीवों के पुनर्स्थापन में मप्र बन गया है देश का आदर्श माडल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • किसानों को कृषि केबिनेट में देंगे होली की सौगात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • ‘प्रोजेक्ट चीता’ से मिल रही मध्यप्रदेश को ‘चीता स्टेट’ की वैश्विक पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • कृषि को पारंपरिक उत्पादन से आगे बढ़ाकर बनाया जायेगा लाभकारी व्यवसाय : मुख्यमंत्री डॉ.यादव

You Know This

  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY
  • DESCLAIMER
  • TERMS and CONDITION
  • About Us
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की बस ट्रांसपोटर्स की चर्चा, अब नहीं होगी हड़ताल
  • भोपाल गैस त्रासदी स्थल पर बनने जा रहा है नए भारत का प्रतीक, 87 एकड़ में बदलेगी इतिहास की तस्वीर?
  • उत्तराखंड में शुरू होगी ई-जीरो FIR व्यवस्था, शाह करेंगे शुभारंभ
  • राज्य स्तरीय HPV टीकाकरण अभियान का शुभारंभ, 300 करोड़ का कैंसर अस्पताल
  • पूर्व रेलकर्मी ब्लैकमेलिंग के आरोप में भोपाल में गिरफ्तार, कब्ज़े से मिली MD ड्रग, अवैध फायर आर्म
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.