पीएम हुए भावुक
मंदिर तक न पहुंच पाने वाले भक्त हनुमानगढ़ी जैसे स्थानों पर एकत्रित हुए। कुछ ऐसे श्रद्धालु भी थे जिनके परिवार के सदस्य 1992 की कारसेवा में शामिल थे। धव्ज फहराने के समय पीएम भावुक हो गए। उन्होंने धर्मध्वजा को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। इस दौरान उनके हाथ कांपते हुए भी नजर आए।
PM ने कहा-
आज सदियों पुराने घाव भर गए हैं। हम देश को गुलामी की मानसिकता से मुक्त करके रहेंगे। इसी मानसिकता ने सालों तक भगवान राम को काल्पनिक बताया।
Ram Mandir Dhwjarohan PM Modi: पीएम ने किया रोड शो
ध्वजारोहण से पहले PM नरेंद्र मोदी ने मोहन भागवत के साथ मंदिर की पहली मंजिल पर बने रामदरबार में पूजा की। इसके बाद रामलला के दर्शन किए। PM रामलला के लिए वस्त्र और चंवर भी लेकर पहुंचे थे। इससे पहले PM ने साकेत कॉलेज से रामजन्मभूमि तक डेढ़ किमी लंबा रोड शो भी किया।
इलेक्ट्रिक सिस्टम से लैस ध्वज
बता दें कि मंदिर का शिखर 161 फीट ऊंचा है और इसके ऊपर 30 फीट लंबे ध्वजदंड पर केसरिया ध्वज अभिजित मुहूर्त में फहराया गया है। इस पल का इंतजार लोगों 500 सालों से कर रहे थे, इसलिए जब ये धर्मध्वज फहराया तो रामभक्त भावुक नजर आए। यह ध्वज इलेक्ट्रिक सिस्टम से लैस है, जिसे कि PM मोदी ने बटन दबाकर फहराया। ध्वज पर कोविदार वृक्ष, सूर्यवंश का प्रतीक सूर्य और ‘ॐ’ का चिन्ह अंकित है।

चारों शंकराचार्य नहीं हुए शामिल
Ram Mandir Dhwjarohan PM Modi: बता दे कि, चारों शंकराचार्यों को छोड़कर देशभर के मठों के संत मंदिर परिसर में मौजूद रहे। अयोध्या नगरी को 1000 क्विंटल फूलों से सजाया गया। मंदिर में 5-लेयर की सुरक्षा रही। ATS, NSG, SPG, CRPF और PAC के जवान तैनात रहे। रामलला का आज सोने और रेशम के धागों से बने पीतांबर वस्त्र पहनाए गए।
