राम दरबार की योगी आदित्यनाथ की पूजा
Ayodhya Ram Mandir Ram Darbar Pran Pratishtha Update : अयोध्या के राम मंदिर में 5 जून 2023 को राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन बड़े धूमधाम से हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम दरबार की पूजा अर्चना की। यह कार्यक्रम विशेष रूप से अभिजीत मुहूर्त में किया गया, जो 11.25 बजे से 11.40 बजे तक चला। इस दौरान राम दरबार में भगवान श्रीराम, माता सीता, उनके तीनों भाई—लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान जी की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की गई।
अद्वितीय स्वरूप और इसका इतिहास
राम दरबार के अद्वितीय स्वरूप को देखकर भक्तों के दिलों में श्रद्धा का एक नया उत्साह जागृत हुआ। यह दरबार रामलला के गर्भगृह के ऊपर यानी मंदिर के प्रथम तल पर स्थापित किया गया है। इस मंदिर में श्रीराम और सीता सिंहासन पर विराजमान हैं, जबकि उनके भाई लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान जी उनके पास खड़े हैं। राम दरबार में प्रत्येक मूर्ति को खास तरीके से निर्मित किया गया है, जिससे उनकी भव्यता और दिव्यता को दर्शाया जा सके।

राम दरबार की मूर्तियां जयपुर में तैयार की गई हैं और मकराना के सफेद संगमरमर से उकेरी गई हैं। इन मूर्तियों का निर्माण विशेष रूप से भक्तों की श्रद्धा को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
कारोबारी ने दान किए हीरे और चांदी से बने 11 मुकुट
राम मंदिर के राम दरबार के लिए सूरत के कारोबारी मुकेश पटेल ने विशेष दान दिया है। इन आभूषणों में शामिल हैं 1,000 कैरेट का हीरा, 30 किलो चांदी, 300 ग्राम सोना और 300 कैरेट रुबी। इन सामग्रियों से 11 मुकुट बनाए गए हैं, जो विशेष रूप से भगवान श्रीराम और उनके भाईयों के लिए तैयार किए गए हैं। इसके अतिरिक्त गले के हार, कान के कुंडल, माथे का तिलक और धनुष-बाण भी इस दान में शामिल हैं।
इन आभूषणों को चार्टर्ड प्लेन से अयोध्या लाया गया, जो एक ऐतिहासिक और शानदार पहल मानी जा रही है। विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनेश नेवादिया ने इस आभूषण दान की जानकारी दी और इसे राम मंदिर ट्रस्ट को सौंपने का ऐलान किया।
राम मंदिर के अन्य हिस्सों में प्राण प्रतिष्ठा: 6 मंदिरों का भी समर्पण
राम दरबार के अलावा, राम मंदिर के ग्राउंड फ्लोर पर बने 6 मंदिरों में भी प्राण प्रतिष्ठा की गई। इनमें भगवान शिव, श्री गणेश, हनुमान जी, सूर्य भगवान, माता भगवती और माता अन्नपूर्णा की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इन मंदिरों का महत्व भी अत्यधिक है क्योंकि इनकी स्थापना से मंदिर के वातावरण में एक नया आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ है।
पूजा में शामिल लोग और आयोजन का महत्व
इस भव्य प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में 350 लोग उपस्थित थे, जिनमें ज्यादातर राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी, साधु-संत और धार्मिक गुरुओं का समावेश था। पिछले साल जब रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी, तब देशभर के बड़े कारोबारी, फिल्मी हस्तियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को आमंत्रित किया गया था। लेकिन आज के इस आयोजन में अधिकतर आध्यात्मिक नेता और ट्रस्ट के सदस्य शामिल हुए।
योगी आदित्यनाथ का संदेश: राम दरबार की पूजा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम दरबार के पूजन से पहले पुष्प वाटिका में पहुंचकर पौधरोपण किया। इसके बाद उन्होंने मां सरयू के तट पर पहुंचकर वहां के धार्मिक महत्व का आकलन किया और अयोध्या के विकास की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की बात की।
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या में कई बड़े बदलाव हो रहे हैं, जिसमें राम मंदिर के विकास के साथ-साथ शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर में भी सुधार हो रहा है।
राम मंदिर ट्रस्ट का समर्पण और भक्तों की प्रतिक्रिया
राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा ने न केवल अयोध्या, बल्कि समूचे देश को एक नई ऊर्जा दी है। भक्तों का कहना है कि इस ऐतिहासिक घटना से अयोध्या और राम मंदिर के महत्व में और भी वृद्धि हुई है। राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने इस आयोजन को ऐतिहासिक मानते हुए कहा कि यह दिन भारत के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए एक नया अध्याय साबित होगा।
Ayodhya Ram Mandir Ram Darbar Pran Pratishtha Update : राम दरबार के दर्शन: कब से होंगे उपलब्ध?
राम मंदिर ट्रस्ट ने अभी तक राम दरबार के दर्शन के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं दी है, लेकिन यह माना जा रहा है कि भक्त जल्द ही इस भव्य राम दरबार के दर्शन कर सकेंगे। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खास प्रबंध किए गए हैं ताकि वे इस पवित्र स्थल का दर्शन कर सकें।
Read More :- MP earthquake: मध्य प्रदेश के खंडवा, खरगोन और बुरहानपुर में भूकंप के झटके, खंडवा सबसे ज्यादा प्रभावित
Watch Now:-“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का शुभारंभ।
