Avimukteshwaranand sexual harassment allegations: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर नाबालिग बच्चों के यौन शोषण का मुकदमा दर्ज होगा। यह आदेश प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट ने दिया है। 13 फरवरी को इस मामले में नाबालिग बच्चों के बयान दर्ज किए गए थे। रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने 2 शिष्यों को कोर्ट में पेश कर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाया।
शंकराचार्य पर होगी FIR
कैमरे के सामने बच्चों के बयान दर्ज हुए थे। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट विनोद कुमार चौरसिया की कोर्ट ने प्रयागराज पुलिस कमिश्नर की जांच रिपोर्ट के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज करने के आदेश जारी किए। कोर्ट ने 13 फरवरी को अपना आदेश रिजर्व रखा था।
2 शिष्यों के साथ यौन शोषण
आशुतोष महाराज ने स्वयं को ही अपना वकील बताया था। 13 फरवरी को हुई सुनवाई में उन्होंने स्पेशल जज पॉक्सो विनोद कुमार चौरसिया के समक्ष कहा कि 2 शिष्यों ने उनके पास आकर अपने साथ हुए यौन शोषण की आपबीती सुनाई। उन्होंने अदालत से मांग की कि शंकराचार्य के खिलाफ FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। आशुतोष महाराज ने अदालत में यह भी कहा कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और उनकी कार को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। उन्होंने आशंका जताई कि उनका मर्डर भी हो सकता है।
Avimukteshwaranand sexual harassment allegations: कोर्ट क्या बोला?
प्रयागराज कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला दिया। कहा, हर मामले में FIR दर्ज करना जरूरी नहीं होता। मजिस्ट्रेट को तय करना होता है कि FIR का निर्देश दिया जाए या शिकायत के रूप में आगे बढ़ाया जाए। यदि मामले में पुलिस जांच जरूरी हो, तो FIR दर्ज कर जांच करना सही होता है। कोर्ट ने कहा, आरोप गंभीर और अपराध की श्रेणी में आते हैं और पॉक्सो अधिनियम लागू होता है। साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस जांच जरूरी है। केवल निजी शिकायत के रूप में मामला आगे बढ़ाना ठीक नहीं होगा।
शंकराचार्य का पलटवार
कोर्ट के फैसले के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- यौन शोषण का केस फर्जी साबित होगा। ये बनाया हुआ मामला है। आशुतोष महाराज रामभद्राचार्य का एक चेला है। हिस्ट्रीशीटर है। उसने पहले भी कई लोगों के ऊपर झूठे केस किए हैं। वह लोगों को डराता है, और धन उगाही करता है। शंकराचार्य ने कहा- कोर्ट का एक प्रोसिजर है, उसका हम सहयोग करेंगे। इसके बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। बनावटी केस तो बनावटी ही रहने वाला है। इसलिए हम चाहते हैं कि जल्दी जांच हो जाए।
