australia terror attack sajid akram indian origin: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी से आई एक डरावनी तस्वीर ने न सिर्फ वहां, बल्कि भारत में भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बॉन्डी बीच पर हुई गोलीबारी का आरोपी जब भारतीय मूल का निकला, तो कहानी सिर्फ एक आतंकी हमले तक सीमित नहीं रही उसके पीछे रिश्ते, पहचान और कट्टरता की परतें खुलती चली गईं।

बॉन्डी बीच पर दहशत: फुटेज ने खोली पूरी कहानी
14 दिसंबर को सिडनी के मशहूर बॉन्डी बीच पर हनुक्का त्योहार के दौरान यहूदियों पर अचानक गोलियां चलने लगीं वीडियो फुटेज में साफ दिखता है कि एक शख्स लगातार फायरिंग कर रहा है, तभी भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति हिम्मत दिखाते हुए उससे बंदूक छीन लेता है । हमलावर की पहचान साजिद अकरम के रूप में हुई जो मूल रूप से हैदराबाद, तेलंगाना का रहने वाला था।
australia terror attack sajid akram indian origin: कौन था साजिद अकरम?
साजिद ने हैदराबाद से B.Com किया था। नवंबर 1998 में वह स्टूडेंट वीजा पर नौकरी की तलाश में ऑस्ट्रेलिया गया, वक्त के साथ उसने वहीं की नागरिक वेनेरा ग्रोसो से शादी की और ऑस्ट्रेलिया में स्थायी रूप से बस गया हालांकि, उसके पास अब भी भारतीय पासपोर्ट मौजूद था. साजिद के परिवार का दावा है कि जब उसने एक ईसाई महिला से शादी की, तो सालों पहले ही उससे सारे रिश्ते तोड़ दिए गए थे।
बाप-बेटे की जोड़ी और हमले की साजिश
इस हमले में साजिद अकेला नहीं था. उसका 24 वर्षीय बेटा नवीद अकरम, जो ऑस्ट्रेलियाई नागरिक है, भी उसके साथ शामिल था, हमले में साजिद पुलिस फायरिंग में मारा गया, जबकि नवीद गंभीर रूप से घायल हुआ। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, साजिद और उसका बेटा 1 नवंबर को फिलीपींस गए थे। वहीं से हमले की योजना बनाई गई।

आखिरी बार 2022 में आया था भारत
रिश्तेदारों के अनुसार, साजिद 27 साल में सिर्फ छह बार भारत आया इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट बताती है कि वह 2022 में आखिरी बार भारत आया था। यहां तक कि पिता के निधन पर भी वह नहीं पहुंचा। तेलंगाना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भारत में उसके खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था।
