असम में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले वोटर लिस्ट को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। चुनाव आयोग ने मंगलवार को स्पेशल रिवीजन (SR) 2026 के तहत असम की फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश कर दी। ड्राफ्ट लिस्ट के मुकाबले इसमें 2.43 लाख से ज्यादा नाम हटा दिए गए हैं। अब राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 2,49,58,139 रह गई है। चुनाव आयोग के मुताबिक, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में यह संख्या 2,52,01,624 थी। रिवीजन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 2,43,485 नाम हटाए गए। फाइनल लिस्ट में 1,24,82,213 पुरुष, 1,24,75,583 महिला और 343 थर्ड जेंडर वोटर शामिल हैं।
घर-घर जाकर हुई जांच, फिर बनी फाइनल लिस्ट
स्पेशल रिवीजन के तहत इंटीग्रेटेड ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 27 दिसंबर 2025 को जारी की गई थी। इसके बाद 27 दिसंबर से 22 जनवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां दाखिल करने का समय दिया गया।इससे पहले 22 नवंबर से 20 दिसंबर 2025 के बीच पूरे असम में घर-घर (H2H) वेरिफिकेशन अभियान चलाया गया था। अधिकारियों ने घर जाकर मतदाताओं की जानकारी की जांच की, उसी आधार पर लिस्ट में सुधार किया गया। असम की 126 विधानसभा सीटों पर अगले तीन महीनों में चुनाव प्रस्तावित हैं, ऐसे में यह प्रक्रिया काफी अहम मानी जा रही है।
ड्राफ्ट रोल में 10.56 लाख नाम पहले ही कट चुके थे
27 दिसंबर 2025 को जब ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी हुई थी, तब उसमें 10,56,291 लोगों के नाम हटाए गए थे। इनमें मौत, दूसरी जगह शिफ्ट होने और डुप्लीकेट एंट्री जैसे कारण शामिल थे।इनमें 93 हजार से ज्यादा D-वोटर शामिल नहीं किए गए थे। D-वोटर यानी डाउटफुल वोटर वे होते हैं, जिनकी नागरिकता पर सरकार को संदेह होता है। ऐसे लोगों को वोट देने की अनुमति नहीं होती और उन्हें वोटर कार्ड भी जारी नहीं किया जाता। इन मामलों का फैसला फॉरेनर्स एक्ट, 1946 के तहत बने ट्रिब्यूनल करते हैं।
बंगाल में फाइनल वोटर लिस्ट 28 फरवरी को
इस बीच पश्चिम बंगाल से जुड़ी खबर भी सामने आई है। चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश करने की तारीख 7 दिन और बढ़ा दी है। अब पश्चिम बंगाल में फाइनल वोटर लिस्ट 28 फरवरी को जारी होगी।इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एक बार पहले ही 7 दिन की मोहलत दी जा चुकी थी। आयोग का कहना है कि बड़े पैमाने पर काउंटिंग, पोलिंग स्टेशनों के वेरिफिकेशन और रैशनलाइजेशन के चलते यह फैसला लिया गया।
11 राज्यों में 3.67 करोड़ नाम कटे
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के बाद ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल जारी किए जा चुके हैं। इन राज्यों और UTs में करीब 3.67 करोड़ नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं।इनमें पश्चिम बंगाल, राजस्थान, तमिलनाडु, गुजरात, गोवा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, केरल, पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप शामिल हैं। वोटर लिस्ट में इतने बड़े बदलाव को लेकर राजनीतिक हलकों में भी नजरें टिकी हुई हैं।
