Assam Assembly Election :असम विधानसभा चुनाव 2026 में सीएम हेमंत सोरेन ने भाजपा के किला को ध्वस्त करने के लिए बड़ी रणनीति बनाई है। पार्टी की ओर से 18 सीटों पर उम्मीदवार मैदान में उतारा गया है।

झारखंड मुक्ति मोर्चा पार्टी की रणनीति के अनुसार असम में गोटियां बिठानी शुरू कर दी है। झामुमो ने जिस सामाजिक समीकरण के रस्ते झारखंड से बीजेपी को बाहर का रास्ता दिखाया, उसी राह पर चलकर अब असम से भी भाजपा को बाहर करने में जुट गई है।
अपनी इसी मकसद का इजहार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम की धरती से किया। और इस समीकरण के अनुकूल उन्होंने कोकराझार जिले के गोसाई गांव विधानसभा क्षेत्र को चुना है।
Assam Assembly Election :कहां से झामुमो ने ठोकी ताल ?
बता दें की 126 विधायकों सीटों वाली असम विधानसभा में झामुमो मात्र 18 सीटों पर चुनाव लड़ने जा रही है। ये वही सीटें हैं जिस पर हेमंत सोरेन के चार सदस्यीय कमिटी ने झामुमो के लिए सबसे बेहतर 18 सीट बताई थी।
हालांकि पार्टी की ओर से 21 सीटों के लिए उम्मीदवार के नाम का किया था, लेकिन 3 उम्मीदवारों का पर्चा रद्द हो गया।
Assam Assembly Election :सामाजिक समीकरण में सेंध मारी की तैयारी
झामुमो ने असम के उन विधानसभाओं को अपने लिए मुफीद माना है जो इनके सामाजिक समीक्षण को सूट करता है।
जानकारी के अनुसार असम में एक अच्छी खासी संख्या मुस्लिम जाति की है। आंकड़ा के अनुसार असम की पूरी आबादी का 3.12 प्रतिशत है। इसमें मुस्लिम की आबादी असम में लगभग 1.07 करोड़ है। ये मुस्लिम असम के चुनाव में एक बड़ा रोल अदा करते हैं।
कुड़मी जाति
असम में कुड़मी जाति की संख्या भी करीब 25 लाख है। ये भी झारखंड से असम भेजे गए। इन्हें भी अंग्रेजों ने ही भेजा था।
