खासियत देख आप हो जाएंगे हैरान

Merry Christmas: जशपुर के कुनकुरी में एशिया का दूसरा सबसे बड़ा चर्च है. महारानी चर्च में एक साथ 10 हजार लोगों के बैठने की क्षमता है. इस चर्च की बनावट से लेकर इसके स्थापना तक की कहानी रोचक है. यहां क्रिस्मस के एक हफ्ते पहले से ही लोग सेलिब्रेशन के मोड में आ जाते हैं.
Merry Christmas: जशपुर में एशिया की दूसरी सबसे बड़ी चर्च

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कुनकुरी में एशिया का दूसरा सबसे बड़ा चर्च है. रोजरी का महारानी चर्च की स्थापना 1962 में की गई थी. इसके बाद से ही मसीही लोगों की यहां हर साल क्रिस्मस (Christmas 2024) पर काफी बड़ी संख्या होने के कारण यहां एक सप्ताह पहले से ही जगह-जगह क्रिसमस की धूम दिखाई देने लगती है. जिले के कुनकुरी के अलावा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के संस्थानों में क्रिसमस के मौके पर होने वाली विशेष प्रार्थना जारी है. क्रिसमस से पहले ही यहां चरनी तैयार कर फूल और रंग बिरंगे लाइट की सजावट शुरू हो गई है.
Merry Christmas: इसलिए खास है चर्च

इस विशालकाय भवन को एक ही बीम के सहारे खड़ा करने के लिए नींव को विशेष रूप से डिजाइन किया गया. सिर्फ इस काम में दो साल लग गए. नींव तैयार होने के बाद भवन का निर्माण 13 सालों में पूरा हुआ था. महागिरजाघर में सात अंक का विशेष महत्व है. यहां सात छत और सात दरवाजे हैं. यह जीवन के सात संस्कारों का प्रतीक माना जाता है.
Merry Christmas: मांदर की सुनाई देती थाप…
क्रिसमस के अवसर पर यहां पर प्रभु यीशु मसीह को याद किया जाता है और उनके जन्म संस्कार का उत्सव मनाया जाता है. कुनकुरी स्थित महा गिरजाघर के साथ विभिन्न कस्बे और दूरस्थ ग्रामीण इलाकों मे इन दिनों क्रिसमस त्यौहार की खुशी में मांदर की थाप पर आदिवासियों की पारंपरिक वेशभूषा में उनके नृत्य का नजारा देखने को मिलने लगा है. आपको बता दें कि 10 हजार से अधिक लोगों की एक साथ बैठने क्षमता वाले इस चर्च में क्रिसमस पर इससे कहीं अधिक लोगों की भीड़ जुटती रही है. क्रिसमस के दौरान यहां आयोजित समारोह में हर साल देश-विदेश से चार से पांच लाख लोग पहुंचते है.
