Asia Cup Trophy Controversy: 28 सितंबर को खेले गए एशिया कप फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को हरा दिया था। जीत के बाद जब ट्रॉफी लेने की बात आई तो टीम इंडिया ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चीफ और एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद नकवी किसी अन्य ACC अध्यक्ष से ट्रॉफी दिलाने की जगह वो ट्रॉफी लेकर अपने साथ होटल ले गए थे।
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BCCI ने दी थी चेतावनी…
ACC की मंगलवार को हुई सालाना बैठक में भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने नकवी से ट्रॉफी जल्द लौटाने को कहा था।
भारतीय अधिकारियों ने सख्त चेतावनी दी थी कि अगर नकवी ने ट्रॉफी वापस नहीं की तो उनके खिलाफ महाभियोग लाकर ACC प्रमुख पद से हटाया जा सकता है।

नकवी ने वापस की ट्रॉफी!
BCCI की चेतावनी के बाद नकवी ने ट्रॉफी ACC दफ्तर में जमा करा दी है। हालांकि अब यह फैसला होना बाकी है कि ट्रॉफी टीम इंडिया के आधिकारिक तौर पर कब और किसके माध्यम से सौंपी जाएगी।
मीटिंग में गरमाया था माहौल…
मंगलवार को दुबई में हुई ACC की एनुअल जनरल मीटिंग में BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला और पूर्व कोषाध्यक्ष आशीष शेलार ने हिस्सा लिया। शुरुआत में ही जब नकवी ने भारत को जीत की बधाई देने से मना किया और मंगोलिया-नेपाल का जिक्र किया, तो आशीष शेलार भड़क गए और मीटिंग बीच में ही छोड़कर चले गए।

राजीव शुक्ला ने सवाल उठाया कि- ‘जब यह ACC की ट्रॉफी है तो औपचारिक रूप से विजेता टीम को क्यों नहीं दी गई? इस पर नकवी ने सफाई दी कि उन्हें लिखित में यह जानकारी नहीं दी गई थी कि भारतीय टीम उनके हाथों ट्रॉफी नहीं लेगी।
उन्होंने कहा कि –
“मैं तो स्टेज पर बिना वजह कार्टून की तरह खड़ा रह गया।”
BCCI का रुख…
BCCI का मानना है कि ट्रॉफी प्रेजेंटेशन क्रिकेट परंपरा का अहम हिस्सा है और इसे लेकर राजनीतिक रवैया नहीं अपनाना चाहिए। BCCI सचिव देवजीत सैकिया पहले ही कह चुके हैं कि नवंबर में होने वाली ICC मीटिंग में यह मुद्दा उठाया जाएगा।
क्या हुआ था फाइनल के बाद?
28 सितंबर को भारत ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर एशिया कप का खिताब जीता। पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन में मोहसिन नकवी ट्रॉफी और मेडल देना चाहते थे, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने उनके हाथों से अवॉर्ड लेने से मना कर दिया। नकवी पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं और भारत विरोधी बयानों व सोशल मीडिया पोस्ट के कारण विवादों में रहते हैं।

भारतीय टीम ने प्रस्ताव रखा था कि ट्रॉफी किसी न्यूट्रल ACC प्रतिनिधि—जैसे अमीरात क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष खालिद अल जरूनी या बांग्लादेश के अमीनुल इस्लाम—द्वारा दी जा सकती है, लेकिन नकवी ने इनकार कर दिया।
नतीजतन, टीम इंडिया बिना ट्रॉफी लिए ही भारत लौट गई। खिलाड़ियों ने होटल और ड्रेसिंग रूम में काल्पनिक ट्रॉफी व कॉफी मग उठाकर फैंस के साथ जश्न मनाया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं।
