Ashwin Retirement News: भारत के दिग्गज ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने गाबा टेस्ट के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। अश्विन, जो भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे सफल गेंदबाजों में से एक हैं, ने यह फैसला अपनी शानदार करियर यात्रा के बाद लिया।
Ashwin Retirement News: अश्विन का करियर सफर
रविचंद्रन अश्विन ने भारतीय टीम के लिए 2011 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था और अपनी फिरकी गेंदबाजी से दुनियाभर के बल्लेबाजों को परेशान किया। टेस्ट क्रिकेट में अश्विन ने 100 से ज्यादा टेस्ट मैच खेले और 450 से अधिक विकेट चटकाए। वह भारत के सबसे तेज 300 और 400 विकेट लेने वाले गेंदबाज भी हैं। वनडे और टी20 में उन्होंने सीमित ओवरों के क्रिकेट में भी शानदार प्रदर्शन किया। अश्विन ने वनडे में 150 से अधिक विकेट और टी20 में 70 से ज्यादा विकेट लिए। गेंदबाजी के साथ-साथ अश्विन ने कई मौकों पर बल्ले से भी अहम योगदान दिया। उनके नाम टेस्ट में पांच शतक और कई अर्धशतक दर्ज हैं।
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Ashwin Retirement News: फैसले का कारण
अश्विन ने अपने संन्यास का फैसला गाबा टेस्ट के बाद लिया, जहां उन्होंने अपने अनुभव और प्रदर्शन से भारत को मुश्किल हालात से निकालने में मदद की। उन्होंने कहा, “इंटरनेशनल क्रिकेट में खेलना मेरे लिए गर्व की बात रही है। मैंने अपने करियर में हर पल का आनंद लिया और हमेशा टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की। अब मैं परिवार के साथ अधिक समय बिताना चाहता हूं और युवा खिलाड़ियों के लिए जगह बनाना चाहता हूं।”
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अश्विन का प्रभाव और विरासत
अश्विन ने अपनी विविध गेंदबाजी और मैच की परिस्थितियों को समझने की क्षमता से भारतीय टीम को कई यादगार जीत दिलाई। 2016 में ICC क्रिकेटर ऑफ द ईयर का खिताब जीतने वाले अश्विन भारत के लिए एक प्रेरणा रहे हैं। उनके “कैरम बॉल” और रणनीतिक माइंडसेट ने उन्हें दुनियाभर के बल्लेबाजों के लिए खतरनाक गेंदबाज बनाया।
फैंस और क्रिकेट जगत की प्रतिक्रिया
अश्विन के संन्यास की खबर से फैंस और क्रिकेट बिरादरी भावुक हो गई है। क्रिकेट विशेषज्ञों और पूर्व खिलाड़ियों ने उनके करियर की तारीफ की है और कहा है कि वह भारतीय क्रिकेट के “लीजेंड” हैं।
अश्विन ने संन्यास के बाद कोचिंग, कमेंट्री और युवा क्रिकेटरों को मार्गदर्शन देने की योजना का संकेत दिया है। फैंस को उम्मीद है कि वह क्रिकेट के अन्य पहलुओं में योगदान देना जारी रखेंगे।
