Ashok Gehlot: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अंता विधायक कंवरलाल मीणा के मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार को निर्णय सजा के एलान के साथ ही लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यह फैसला 23 दिन पहले ही लिया जाना चाहिए था, लेकिन विपक्ष के दबाव में सरकार को आखिरकार निर्णय लेना पड़ा।

Ashok Gehlot: महिलाओं को राहत मिले
मनरेगा में कार्यरत महिलाओं की परिस्थितियों पर बोलते हुए गहलोत ने कहा कि भीषण गर्मी में महिलाओं से दिन के समय कार्य नहीं कराया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि काम सिर्फ सुबह और शाम के समय में ही कराया जाए, ताकि महिलाओं को राहत मिले।
चाहे पक्ष हो या विपक्ष, मोदी जी के साथ खड़ा
Ashok Gehlot: राष्ट्रीय मुद्दों पर बात करते हुए गहलोत ने सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र किया और कहा कि उस समय पूरा देश, चाहे पक्ष हो या विपक्ष, मोदी जी के साथ खड़ा था। लेकिन उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अचानक सीजफायर क्यों किया गया? गहलोत ने आरोप लगाया कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने खुद कहा था कि उन्होंने सीजफायर करवाया, और इसी बहाने कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाया गया।
Ashok Gehlot: ट्रम्प ने भारत-पाकिस्तान को बराबर बताया
उन्होंने कहा कि ट्रम्प ने भारत-पाकिस्तान को बराबर बताया और मध्यस्थता की पेशकश की, जो भारत की 1971 की नीति के खिलाफ थी। गहलोत ने विपक्ष की उस एकता की भी बात की जो अब बिखरती नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सवाल पूछना है और यह जिम्मेदारी वह निभा रहा है।
Ashok Gehlot: गहलोत ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में विपक्ष का मजबूत होना जरूरी है और जनता की आवाज को बुलंद करना उसकी प्राथमिकता होनी चाहिए।
