Asha Bhosle Personality Rigths HC: भारत की मशहूर सिंगर आशा भोसले के बिना अनुमति के उनका नाम, आवाज और पहचान के इस्तेमाल करने पर बॉबे हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है। अब कोई भी AI प्लेटफॉर्म, ई- कॉमर्स साइट या अन्य व्यक्ति उनके नाम, आवाज या तस्वीर का पर्सनल या बिजनेस में लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकता।
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बता दें कि, इससे पहले कई सेलिब्रिटी जैसे – अमिताभ बच्चन, अनिल कपूर , जैकी श्रॉफ , ऐश्वर्या राय बच्चन, करण जौहर जैसे लोग उनकी इमेज, नाम के गलत इस्तेमाल करने पर कोर्ट जा चुके हैं।
AI और ई- कॉमर्स कंपनियों पर रोक…
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि – AI टूल्स का इस्तेमाल करके किसी भी सेलिब्रिटी की आवाज की नकल करना उनके पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन है।
AI प्लेफॉर्म बिना अनुमति उनकी आवाज को बदल और दोहरा सकते हैं, जो उनकी पब्लिक और पर्सनल आइडेंटिटी का अहम हिस्सा है।
आशा भोसले ने यह कदम इसलिए उठाया क्योकि उन्होंने देखा कि कई जगह उनके नाम और पहचान का गलत तरीके से इस्तेमाल किया ज रहा था।

शिकायत में शामिल ये कंपनियां…
1. AI कंपनी Mayk, जो उनकी आवाज का AI क्लोन बना रही थी।
2. ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजन और फ्लिपकार्ट, जो उनकी तस्वीर वाले पोस्टर और मर्चेंडाइज बेच रहे थे।
3. टेक प्लेटफॉर्म गूगल, जहां यूट्यूब पर AI कंटेंट में उनकी आवाज की नकल हो रही थी।
4. एक स्वतंत्र कलाकार, जिसने उनकी तस्वीर वाले कपड़े बेचे।
आशा भोंसले की टीम का बयान
आशा भोंसले की टीम ने कहा कि- “बिना अनुमति उनका नाम, आवाज या तस्वीर इस्तेमाल करना उनके 80 साल के करियर में अर्जित प्रतिष्ठा और गुडविल को नुकसान पहुंचाता है। उनके करियर में उन्हें पद्म विभूषण, दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड और दो ग्रैमी नामांकन प्राप्त हो चुके हैं।”

कोर्ट का आदेश…
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सभी प्रतिवादियों के खिलाफ रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर जारी किया। आदेश के अनुसार:
1. कोई भी उनके नाम, तस्वीर या आवाज का बिजनेस या निजी फायदा नहीं ले सकता।
2. सभी प्लेटफॉर्म और सेलर्स को सभी कंटेंट और प्रोडक्ट लिस्टिंग हटाने का आदेश।
3. प्लेटफॉर्म और सेलर्स को आशा भोंसले को उन लोगों की जानकारी देनी होगी जिन्होंने उनके अधिकारों का उल्लंघन किया, ताकि आगे कानूनी कार्रवाई की जा सके।
पर्सनैलिटी राइट्स का महत्व…
यह मामला भारतीय कानून में सेलिब्रिटी पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा का महत्वपूर्ण उदाहरण है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी सेलिब्रिटी का नाम, तस्वीर या आवाज बिना अनुमति इस्तेमाल करना कानूनन अपराध है और इसके लिए कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
