हाईकोर्ट ने दी अस्थायी जमानत में बढ़ोतरी
Asaram Bapu Gujarat High Court bail: गुजरात हाईकोर्ट ने दुष्कर्म मामले में दोषी आसाराम को अस्थायी राहत दी है… बतादें कि कोर्ट ने उसकी जमानत का समय 30 जून से बढ़ाकर 7 जुलाई तक कर दी है। जमानत चिकित्सा आधार पर दी गई है, और यह पहले 28 मार्च को तीन महीने के लिए मंजूर की गई थी।
वकील ने मांगा समय, अदालत ने मानी दलील
बतादें कि सुनवाई के दौरान आसाराम के वकील ने अदालत से कुछ एक्सट्रा समय मांगा ताकि ज़रूरी दस्तावेज रिकॉर्ड में प्रस्तुत किए जा सकें। वकील ने कहा कि अगर मामला सोमवार को सूचीबद्ध होता है, तो दस्तावेज पेश करने के लिए दो दिन का समय चाहिए ताकि प्रतिवादी भी उसकी जांच कर सकें।
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अदालत ने दी विस्तार की वजह
न्यायमूर्ति इलेश वोरा और संदीप भट्ट की खंडपीठ ने विस्तार की वजह बताते हुए कहा कि नालसा से प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया और अन्य विशेष परिस्थितियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इसलिए अस्थायी जमानत की अवधि 7 जुलाई तक बढ़ाई गई।
पहले भी मिल चुकी है अंतरिम राहत
सुप्रीम कोर्ट ने भी कुछ समय पहले आसाराम को चिकित्सा आधार पर अंतरिम राहत दी थी, जिसकी अवधि 31 मार्च को समाप्त हो गई थी। इसके बाद गुजरात हाईकोर्ट ने 28 मार्च को उसे तीन महीने की अस्थायी जमानत दी थी। बाद में खंडपीठ में मतभेद होने पर मामला तीसरे जज को भेजा गया और उसी आधार पर राहत दी गई।
दो मामलों में आजीवन कारावास की सजा
Asaram Bapu Gujarat High Court bail: जानकारी के लिए बतादें कि आसाराम को दो अलग-अलग दुष्कर्म मामलों में आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। पहला मामला 2013 का है, जिसमें राजस्थान में एक नाबालिग के साथ यौन शोषण का आरोप सिद्ध हुआ। दूसरा मामला सूरत की एक महिला अनुयायी से जुड़ा है, जो 2001 से 2006 के बीच कई बार दुष्कर्म का शिकार हुई। जनवरी 2023 में गांधीनगर की अदालत ने इस मामले में भी उसे दोषी करार दिया था।
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