Arthritis Causes Symptoms and Treatment: भारत में आज लाखों लोग अर्थराइटिस (Arthritis) यानी जोड़ो के दर्द की समस्या से परेशान हैं। यह सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी नहीं रही, बल्कि अब युवाओं को भी यह तेजी से प्रभावित कर रही है। बदलती जीवनशैली, खराब खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसकी प्रमुख वजहें बन रही हैं। यदि समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो यह न सिर्फ चलने-फिरने में दिक्कत पैदा करती है। पैर जाम हो जाते हैं।
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आज हम इस आर्टिकल में बताएंगे कि अर्थराइटिस क्या है, इसके होने के कारण, लक्षण, बचाव और इसके निवारण के प्रभावी घरेलू और मेडिकल उपाय।
अर्थराइटिस क्या है?
अर्थराइटिस का मतलब है “जोड़ों में सूजन”। इसमें हड्डियों के जोड़ों में दर्द, सूजन, जकड़न और चलने-फिरने में दिक्कत महसूस होती है। यह एक प्रकार का दीर्घकालिक रोग (chronic disease) है, जो समय के साथ बढ़ता जाता है।
अर्थराइटिस के कई प्रकार होते हैं, लेकिन प्रमुख रूप से दो प्रकार ज्यादा देखे जाते हैं:
1. ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis)
यह सबसे आम प्रकार है, जो उम्र बढ़ने पर होता है। इसमें जोड़ों के बीच की कार्टिलेज घिसने लगती है, जिससे हड्डियाँ आपस में रगड़ने लगती हैं।
2. रूमेटॉइड अर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis)
यह एक ऑटोइम्यून डिजीज है, जिसमें शरीर की इम्यून सिस्टम ही जोड़ों पर हमला करने लगती है। इससे जोड़ों में सूजन, दर्द और अकड़न होती है।

अर्थराइटिस के प्रमुख कारण…
1. जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, हड्डियों और जोड़ों की ताकत कम होती जाती है, जिससे ऑस्टियोआर्थराइटिस का खतरा बढ़ता है।
2. जेनेटिक फैक्टर: अगर परिवार में किसी को अर्थराइटिस है, तो आपको भी होने की संभावना बढ़ जाती है।
3. शरीर का ज्यादा वजन जोड़ो पर दबाव बनाता है, खासकर घुटनों, कूल्हों और रीढ़ की हड्डी पर।
4. किसी पुराने फ्रैक्चर या जोड़ों की चोट के कारण भी अर्थराइटिस हो सकता है।
5. कुछ बैक्टीरिया या वायरस जोड़ों पर असर डाल सकते हैं और सूजन पैदा कर सकते हैं।
6. लगातार बैठकर काम करने या व्यायाम न करने से जोड़ कमजोर हो जाते हैं।
र्थराइटिस के लक्षण…
1. जोड़ों में लगातार या बार-बार दर्द।
2. सूजन और लालिमा।
3. सुबह उठते ही जोड़ों में जकड़न।
4. चलने-फिरने या सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी।
5. जोड़ों से आवाज आना (क्रैकिंग)।
6. हाथ-पैर के छोटे जोड़ों में अकड़न।

अर्थराइटिस से बचाव के उपाय….
1. नियमित व्यायाम करें: हल्का योग, तैराकी और वॉकिंग हड्डियों और जोड़ों के लिए बेहद फायदेमंद हैं।
2. वजन नियंत्रित रखें: मोटापा अर्थराइटिस का सबसे बड़ा कारण है। वजन घटाकर आप जोड़ों का दबाव कम कर सकते हैं।
3. संतुलित आहार लें: हरी सब्जियां, फल, ओमेगा-3 फैटी एसिड, दूध और कैल्शियम युक्त चीजें खाएं।
4. धूम्रपान और शराब से बचें: ये हड्डियों को कमजोर करते हैं और सूजन को बढ़ाते हैं।
5. लंबे समय तक एक ही पोजिशन में न बैठें: हर 30-40 मिनट में शरीर को स्ट्रेच करें।

अर्थराइटिस का घरेलू उपाय…
1. हल्दी और दूध
हल्दी में मौजूद करक्यूमिन एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है। एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर रोज पिएं।
2. अदरक और लहसुन
ये दोनों ही सूजन कम करने और दर्द से राहत देने में असरदार हैं। सुबह खाली पेट अदरक का रस या कच्चा लहसुन खाना लाभकारी होता है।
3. सरसों तेल से मालिश
गुनगुने सरसों तेल में अजवाइन या लहसुन डालकर मालिश करने से सूजन और दर्द में राहत मिलती है।
4. त्रिफला चूर्ण
यह आयुर्वेदिक औषधि है जो शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालती है और हड्डियों को मजबूत बनाती है।
5. गर्म पानी या सेंधा नमक से सिकाई
घुटनों या जोड़ों पर गर्म पानी की बोतल या सेंधा नमक की पोटली से सेंकने से सूजन और जकड़न में राहत मिलती है।
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