army chief territorial : बॉर्डर टेंशन के बीच सेना प्रमुख को बड़ी जिम्मेदारी
नई दिल्ली: भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने भारतीय सेना प्रमुख (Chief of Army Staff) को पूरी टेरिटोरियल आर्मी (Territorial Army) के अधिकारियों और जवानों को जब भी आवश्यक हो, तैनात करने की शक्ति प्रदान कर दी है।
🪖 14 टेरिटोरियल आर्मी बटालियन को तैनात करने की अनुमति
6 मई 2025 को केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, 32 टेरिटोरियल आर्मी इन्फेंट्री बटालियनों में से 14 बटालियन को तैनाती (Embodiment) के लिए मंजूरी दी गई है। इन बटालियनों को देश के विभिन्न सैन्य कमांड क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा:
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दक्षिणी कमांड
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पूर्वी कमांड
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पश्चिमी कमांड
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मध्य कमांड
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उत्तरी कमांड
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दक्षिण-पश्चिमी कमांड
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अंडमान एवं निकोबार कमांड
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आर्मी ट्रेनिंग कमांड (ARTRAC)
📜 टेरिटोरियल आर्मी नियम 1948 के तहत मिली शक्ति
यह अधिसूचना टेरिटोरियल आर्मी नियम 1948 के नियम 33 के अंतर्गत जारी की गई है। यह नियम सरकार को यह शक्ति देता है कि विशेष परिस्थितियों में सेना प्रमुख को टेरिटोरियल आर्मी को तैनात करने की अनुमति दी जा सकती है।
💰 बजट और मंत्रालय की जिम्मेदारी
इस आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि:
“टेरिटोरियल आर्मी की तैनाती तभी होगी जब बजट में इसके लिए धन उपलब्ध हो या आंतरिक बचत से उसे पुनः आवंटित किया जाए।”
यदि टेरिटोरियल आर्मी की कोई यूनिट रक्षा मंत्रालय के अलावा किसी अन्य मंत्रालय के निर्देश पर तैनात होती है, तो उसकी लागत उक्त मंत्रालय के बजट से ही ली जाएगी, न कि रक्षा मंत्रालय से।
📅 आदेश की वैधता
यह आदेश 10 फरवरी 2025 से 9 फरवरी 2028 तक यानी तीन वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा।
🔍 क्यों है यह फैसला महत्वपूर्ण?
भारत की सुरक्षा रणनीति के तहत, यह फैसला सेना को तेज़ और संगठित प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाता है। टेरिटोरियल आर्मी, जो आमतौर पर नागरिक पेशेवरों से बनी होती है, को तैनात कर देश की सीमाओं पर सहायक बल के रूप में मजबूत किया जा सकता है।
केंद्र सरकार का यह फैसला भारतीय सेना की रणनीतिक क्षमता को बढ़ावा देता है। इससे सेना प्रमुख को समय पर निर्णय लेकर आवश्यक क्षेत्रों में टेरिटोरियल आर्मी को तैनात करने की पूर्ण शक्ति मिलती है। यह न केवल सुरक्षा के दृष्टिकोण से बल्कि प्रशासनिक दक्षता के लिहाज से भी एक बड़ा कदम है।
🛡️ सेना हमेशा तैयार रहे, यह सुनिश्चित करना अब और आसान होगा।
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