Raipur 110 feet tall Ravana security : रायपुर में दशहरा महोत्सव बेहद खास होने वाला है। राजधानी में 110 फीट ऊंचे रावण (दशानन) के पुतले का निर्माण किया गया है, जिसकी सुरक्षा के लिए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर मैदान में होने वाले इस भव्य आयोजन को देखने हजारों लोग जुटेंगे। सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर पुलिस अलर्ट मोड पर हैं।
110 फीट ऊंचा रावण
रायपुर में इस बार बनने वाला 110 फीट ऊंचा दशानन पुतला शहर की सबसे बड़ी विशेषता है। आयोजन समिति का कहना है कि विशाल रावण के निर्माण में कई कारीगरों ने मिलकर हफ्तों मेहनत की है। रावण आकर्षण का केंद्र होगा। पुतले के साथ मेघनाद और कुंभकर्ण के भी पुतले तैयार किए जा रहे हैं।
बंदूकधारी जवान तैनात
ऐसे बड़े आयोजन में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। रावण दहन स्थल पर भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सशस्त्र जवानों की तैनाती की है। बंदूकधारी जवान चार शिफ्टों में 24 घंटे पहरा देंगे। इस दौरान हर एक गतिविधि पर नजर रखी जाएगी जिससे किसी भी तरह की अप्रिय घटना नही हो।
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ट्रेनों की गति होगी धीमी
रेलवे ट्रैक के नज़दीक होने की वजह से सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन संचालन में भी बदलाव किए गए हैं। रेलवे प्रशासन ने आशंका जताई है कि आतिशबाजी और भीड़ की वजह से सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसलिए दशहरा कार्यक्रम के दौरान ट्रेनें धीमी गति से गुजरेंगी। इससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
30 मिनट तक होगी आतिशबाजी
रावण दहन के बाद विशाल आतिशबाजी का आयोजन किया जाएगा। लगभग 30 मिनट तक चलने वाली इस आतिशबाजी में रंग-बिरंगी रोशनी आकाश को जगमग कर देगी। आतिशबाजी के दौरान अग्निशमन दस्ते की मौजूदगी भी रहेगी ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो।
प्रशासन की तैयारियां
प्रशासन ने दशहरा उत्सव को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां कर ली हैं। भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन ने यातायात पुलिस को निर्देश दिए हैं कि कार्यक्रम स्थल के आसपास जाम की स्थिति न बने। पार्किंग के लिए अलग जोन तय किए गए हैं और इमरजेंसी सेवाओं को भी अलर्ट मोड में रखा गया है।
धार्मिक और सामाजिक महत्व
दशहरा का पर्व असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। रायपुर में होने वाला यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज को बुराइयों से दूर होकर अच्छे मार्ग पर चलने की सीख भी देता है। इतने बड़े पैमाने पर उत्सव का आयोजन लोगों में सांस्कृतिक एकता और भाईचारे की भावना को और मजबूत करेगा।
