Antagarh Maoist surrender 2025 : नारायणपुर जिले के अंतागढ़ क्षेत्र में सुरक्षा बलों के लगातार दबाव और बेहतर पुनर्वास नीति के चलते 21 सक्रिय नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें डिवीजन कमेटी सेक्रेटरी मुकेश और उनके साथ 4 वीडीसीएम, 9 एसीएम, 8 पार्टी मेंबर शामिल हैं। ये सभी नक्सली अपने हथियार और अन्य सामग्री के साथ पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण किया। यह कदम अंतागढ़ क्षेत्र को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है।
आत्मसमर्पण का किया स्वागत
माओवादी नक्सलियों के आत्मसमर्पण के दौरान सुरक्षा बलों ने उनकी सुरक्षा और पुनर्वास का आश्वासन दिया है। सभी आत्मसमर्पण करने वालों को सरकार की तरफ से पुनर्वास कार्यक्रमों में शामिल किया जाएगा, जिसमें आर्थिक सहायता और सामाजिक पुनःस्थापना की व्यवस्था है।
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सुरक्षा बलों की रणनीति सफल
सुरक्षा बलों के असरदार अभियान ने माओवादी गतिविधियों में कमी लाई है। पिछले कुछ महीनों में नारायणपुर, कामतेड़ा और अंतागढ़ क्षेत्रों में कई नक्सलियों ने हथियार छोड़कर शांतिपूर्ण जीवन अपनाने का फैसला किया है। जनता और प्रशासन इसे क्षेत्र में शांति और विकास के नए दौर की शुरुआत मान रहे हैं।
भविष्य की चुनौतियां
हालांकि यह बड़ी सफलता है, लेकिन प्रशासन नक्सली समस्या को वन क्षेत्र में सक्रिय रह रहे अन्य गुटों के संबंध में भी सतर्क है। नक्सल विरोधी अभियान अधिक प्रभावी बनाने के लिए जनजागृति, रोजगार के अवसर और पुनर्वास योजनाओं को त्वरित और प्रभावी बनाने की जरूरत है।
अंतागढ़ में 21 नक्सलियों का आत्मसमर्पण प्रशासन की कड़ी मेहनत और नक्सल विरोधी प्रयासों का परिणाम है। यह क्षेत्र में शांति स्थापित करने और विकास के रास्ते खोलने का प्रमुख कदम है। आने वाले समय में पुनर्वास की बेहतर व्यवस्था और सतत सुरक्षा अभियान द्वारा इस क्षेत्र को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
