Anta Assembly By-election campaign ends : राजस्थान के बारां जिले की अंता विधानसभा उपचुनाव के लिए प्रचार पूरी तरह थम गया है। चुनाव आयोग के नियमानुसार मतदान से एक दिन पहले प्रचार की सभी गतिविधियां रोक दी जाती हैं। आज डोर-टू-डोर संपर्क का भी आखिरी दिन है, जिसमें प्रत्याशी सीधे मतदाताओं के घर जाकर वोट की अपील कर रहे हैं। शाम छह बजे के बाद किसी भी पार्टी या प्रत्याशी को चुनावी प्रचार की अनुमति नहीं होगी, न ही सोशल मीडिया या मोबाइल मैसेज से वोटर को अपील की जा सकती है।
मतदान की तिथि और बूथ की जानकारी
अंता उपचुनाव के लिए 11 नवम्बर को वोटिंग होगी। चुनाव आयोग ने सुरक्षित और पारदर्शी चुनाव के लिए 268 मतदान बूथ बनाए हैं। मतदान कर्मियों का अंतिम प्रशिक्षण आज हुआ और उनके लिए विशेष पंडाल भी तैयार किया गया है। सुरक्षा के लिए तीन स्ट्रॉन्ग रूम बनवाए गए हैं जिनमें सीसीटीवी से नजर रखी जाएगी।
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त्रिकोणीय मुकाबला और उम्मीदवार
इस चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशी के बीच है। भाजपा उम्मीदवार मोरपाल सुमन, कांग्रेस से प्रमोद जैन भाया और निर्दलीय नरेश मीणा मैदान में हैं। कुल 15 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं पर असली जंग इन तीनों के बीच सिमटती नजर आ रही है। विभिन्न समाज और जातियों के वोट समीकरण का चुनाव परिणाम पर असर पड़ सकता है।
मतदाताओं की विशेष भूमिका
अंता विधानसभा में लगभग 2.25 लाख मतदाता हैं, जिनमें माली, अनुसूचित जाति, मीणा समाज निर्णायक भूमिका में हैं।महिलाओं, दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं के लिए घर-घर जाकर मतदान की विशेष व्यवस्था की गई है। पहले चरण में 284 वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं ने घर से वोट डाला। प्रशासन ने निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जबरदस्त तैयारियां की हैं।
अंता उपचुनाव सभी राजनीतिक दलों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है। प्रचार के बाद अब मतदाता अपने वोट की ताकत दिखाएंगे और विधानसभा के नए प्रतिनिधि का चुनाव करेंगे। कल के मतदान में लोगों की जागरूकता और निष्पक्ष प्रक्रिया लोकतंत्र की मजबूती का प्रमाण बनेगी।
