Rani Meerut Sahil Wedding: भारत की पहली अंतरराष्ट्रीय जेवलिन मेडलिस्ट अन्नू रानी अब हरियाणवी बहू बनने जा रही हैं। 18 नवंबर को वह रोहतक के रहने वाले किकबॉक्सर साहिल के साथ सात फेरे लेंगी। शादी में मेहमानों की संख्या सीमित रखी जाएगी, जबकि 19 नवंबर को रोहतक के एक बैंक्वेट हॉल में भव्य रिसेप्शन होगा।
रिसेप्शन में शामिल होंगे बड़े खिलाड़ी और मंत्री…
रिसेप्शन समारोह में कई मशहूर हस्तियों को निमंत्रण भेजा गया है , केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया, कई अन्य मंत्री और कई ओलिंपियन इस मौके पर शामिल होंगे।

दोनों ही खेल जगत से जुड़े हैं, इसलिए दोनों पक्षों की गेस्ट लिस्ट में खिलाड़ियों की संख्या अधिक है। ओलिंपियन प्रियंका गोस्वामी और संदीप पूनिया भी इस कार्यक्रम का हिस्सा होंगे।
कौन है साहिल?
दूल्हे साहिल रोहतक के सांपला गांव के मूल निवासी हैं और वर्तमान में जनता कॉलोनी में रहते हैं। साहिल एक प्रोफेशनल किकबॉक्सर हैं और 4 बार के नेशनल चैंपियन रह चुके हैं। जुलाई 2025 में छत्तीसगढ़ में हुई नेशनल चैंपियनशिप में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता था।

साहिल के परिवार का अमेरिका में बिजनेस है—वेयरहाउस और गैस स्टेशन, जिन्हें फिलहाल उनके भाई संभाल रहे हैं। साहिल के पिता रवि EPFO विभाग में कर्मचारी हैं और मां मुकेश देवी गृहणी हैं।

अन्नु ने गन्ने से अभ्यास कर बनाई इंटरनेशनल पहचान…
अन्नू रानी का सफर संघर्ष और मेहनत से भरा रहा है। मेरठ के बहादुरपुर में 28 अगस्त 1992 को किसान परिवार में जन्मी अन्नू रानी ने शुरुआत खेतों में गन्ना भाला बनाकर फेंकने से की थी।

उनके भाई उपेंद्र ने उनकी प्रतिभा पहचानी और उन्हें जेवलिन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। गांव के माहौल और परिवार की सीमाओं के बावजूद उन्होंने चोरी-छिपे अभ्यास किया और बाद में पिता को भी मना लिया।
2014 में तोड़ा राष्ट्रीय रिकॉर्ड, बनी देश की शान…
2014 में अन्नू रानी ने राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ते हुए अपने करियर की दमदार शुरुआत की। 2019 में वे विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली भारत की पहली महिला जेवलिन थ्रोअर बनीं।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में उन्होंने कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा और भारत की पहली महिला बनीं जिसने इस इवेंट में मेडल जीता।
एशियाई खेल 2023 में मिली पॉपुलैरिटी…
2023 उनके करियर का स्वर्णिम साल रहा। हांगझोऊ एशियाई खेलों में अन्नू रानी ने गोल्ड मेडल जीता और विश्व स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर ली।

हालांकि वे पेरिस ओलिंपिक 2024 के लिए सीधे योग्यता नहीं हासिल कर पाईं, लेकिन रैंकिंग कोटा के आधार पर उन्हें ओलिंपिक में स्थान मिला।
