Anna University sexual harassment: तमिल नाडू की राजधानी चेन्नई में स्थित अन्ना यूनिवर्सिटी में शुक्रवार को एक छात्रा ने प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए, जिसके बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के सामने आते ही कैंपस में छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
छात्रा ने लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित छात्रा ने आरोप लगाया है कि संबंधित प्रोफेसर उसे अश्लील संदेश भेजता था, देर रात फोन करता था और अनुचित बातचीत करता था। उसने यह भी कहा कि आरोपी उस पर बार-बार बाहर जाने का दबाव बनाता था, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान और भयभीत हो गई थी।
छात्रा के मुताबिक, प्रोफेसर ने इंटर्नशिप दिलाने के बहाने उसका भरोसा जीता और फिर उसका दुरुपयोग किया। यहां तक कि फोन और सोशल मीडिया पर ब्लॉक करने के बावजूद वह अन्य लोगों के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश करता रहा।

पहले भी प्रोफेसर पर लगे थे ऐसे आरोप
छात्रा ने यह भी दावा किया कि इस प्रोफेसर के खिलाफ पहले भी अन्य छात्राओं ने इसी तरह की शिकायतें की थीं। इससे संस्थान के भीतर लंबे समय से चल रही समस्याओं की ओर इशारा मिलता है।
एफआईआर पर स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं
पुलिस के अनुसार मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है, हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि एफआईआर दर्ज हुई है या नहीं। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और अधिकारियों द्वारा सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
कैंपस में छात्रों ने किया प्रदर्शन
घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों ने प्रदर्शन किया और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के सदस्यों ने भी छात्रा के समर्थन में आवाज उठाई और जवाबदेही तय करने की मांग की।

छात्र नेताओं का कहना है कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
राजनीतिक गलियारों में भी उठी हलचल
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव से पहले यह मामला राजनीतिक रंग भी लेता नजर आ रहा है। विपक्षी दलों ने महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) सरकार पर निशाना साधा है।
वहीं, मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने रिकॉर्ड का बचाव करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं और मामलों में तेजी से कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
शिकायत दर्ज कराने में सामने आती हैं चुनौतियां, बोले स्टूडेंट्स
कई छात्रों ने यह भी बताया कि शैक्षणिक संस्थानों में शिकायत दर्ज कराने में डर का माहौल रहता है। अंक और करियर पर पड़ने वाले असर के कारण पीड़ित अक्सर सामने आने से हिचकते हैं। छात्रों ने इस बात पर जोर दिया कि परिवार और संस्थान का सहयोग मिलने से ही पीड़ितों को न्याय के लिए आगे आने का साहस मिलता है।
