anmol bishnoi news update: दिल्ली की सुबह शायद सामान्य रहती, अगर आईजीआई एयरपोर्ट पर अचानक सुरक्षा बढ़ाने की खबरें न फैलतीं। कुछ ही घंटों में साफ हो गया कि मामला बड़ा है। अमेरिका से प्रत्यर्पित किए गए गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई को एनआईए ने वहीं उतरते ही पकड़ लिया था। इसके बाद जो हुआ, उसने फिर साबित कर दिया कि लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से निपटना कानून एजेंसियों के लिए अब भी चुनौती बना हुआ है।
एनआईए को 11 दिन की रिमांड
अनमोल को कोर्ट में पेश किया गया और कुछ ही मिनटों में फैसला आ गया। अदालत ने उसे 11 दिन की एनआईए हिरासत में भेज दिया। एजेंसी की मांग 15 दिन की थी, लेकिन अदालत ने 11 दिन तय किए। एनआईए की तरफ से मौजूद वकील ने अदालत को बताया कि यह मामला सिर्फ गैंगवार या रैंसम से जुड़ा नहीं, बल्कि आतंकवादी संगठनों से गठजोड़ तक पहुंचता है।
अमेरिका में शरण मांगी, अपील खारिज
अनमोल ने अमेरिका में शरण लेने की कोशिश की थी। लेकिन उसकी अपील खारिज हो गई और वह वापस भारत भेज दिया गया। उसके साथ दो और लोग भी भारत पहुंचे हैं, जिससे एयरपोर्ट पर सुरक्षा अचानक बढ़ानी पड़ी। सूत्रों के मुताबिक एजेंसियों को पहले से अंदेशा था कि गिरोह के सदस्य गुरुवार रात से ही सक्रिय हो सकते हैं।
30 से ज्यादा केस और मूसेवाला मर्डर लिंक
अनमोल को जनवरी में भगोड़ा घोषित किया गया था। उसके खिलाफ देशभर में करीब तीस मामले लंबित हैं। एनआईए और राज्य पुलिस एजेंसियां उससे उस कड़ी के बारे में पूछताछ कर रही हैं, जो उसे सिद्धू मूसेवाला हत्या से जोड़ती है। बताया जाता है कि मूसेवाला की हत्या के बाद वह नकली पासपोर्ट पर अमेरिका भाग गया था।
इस दौरान उसने विदेश से लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के लिए फंडिंग, वसूली और ऑपरेशन्स को संभाला। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में उसके नेटवर्क का सक्रिय होना पहले भी कई बार सामने आ चुका है।
एनआईए का दावा: आतंकवाद से जुड़े कई धागे
एजेंसी के मुताबिक 2020 से 2023 तक अनमोल ने गोल्डी बरार और अपने भाई लॉरेंस के लिए सक्रिय रूप से काम किया। एनआईए के चार्जशीट में कहा गया है कि बिश्नोई गिरोह और बब्बर खालसा के बीच लिंक मिले हैं। यह दावा काफी बड़ा है और इसी वजह से एजेंसी मामले को आतंक-संबंधी अपराधों की श्रेणी में देख रही है।
एनआईए के अनुसार, अनमोल ने गिरोह के शूटर्स को शरण दी, हथियारों की आवाजाही में मदद की और विदेश से जबरन वसूली का नेटवर्क चलाया। यही वजह है कि एजेंसी कई कोणों से पूछताछ करना चाहती है।
