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द्वारका में अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई, होटल एंटी ली इन का ध्वस्तीकरण

Dwarka Illegal Construction Demolition: गुजरात के पवित्र तीर्थ स्थल द्वारका में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार तीसरे दिन भी जारी रही। देवभूमि द्वारका जिले में यह मेगा डिमोलिशन ड्राइव सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने और समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। इस अभियान में अवैध होम स्टे, होटल, और अन्य निर्माणों को निशाना बनाया गया है, जिन्हें पहले नोटिस जारी किए गए थे।

[caption id="attachment_93527" align="alignnone" width="465"] द्वारका में अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई[/caption]

होटलों पर कार्रवाई

प्रशासन ने द्वारका में अवैध रूप से बने होम स्टे और होटलों को चिह्नित कर उनके मालिकों को नोटिस जारी किए। इन नोटिसों में स्वैच्छिक रूप से निर्माण हटाने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, कई मालिकों द्वारा समय सीमा के भीतर कार्रवाई न करने पर एसडीएम द्वारका और नगर पालिका की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ बुलडोजर चलाकर इन संरचनाओं को ध्वस्त किया। इस अभियान में रावरा झील क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण पहले ही हटाए जा चुके हैं, जिससे सरकारी जमीन को मुक्त कराया गया है। Read More: बनासकांठा: करंट लगने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत, बिजली विभाग पर उठे सवाल

Dwarka Illegal Construction Demolition: अवैध निर्माण हटाए

रावरा झील क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस क्षेत्र में कई होम स्टे और होटल बिना अनुमति के बनाए गए थे। प्रशासन ने इन संरचनाओं को हटाकर सरकारी जमीन को मुक्त कराने का काम तेज किया है। अब तक इस क्षेत्र में कई बड़े निर्माण ध्वस्त किए जा चुके हैं, जिससे क्षेत्र की पर्यावरणीय और सामरिक महत्ता को संरक्षित करने में मदद मिली है। इस कार्रवाई को समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि द्वारका का तट पाकिस्तान की सीमा के करीब है।

होटल एंटी ली इन का ध्वस्तीकरण

तीसरे दिन की कार्रवाई में होटल एंटी ली इन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। इस होटल का 1000 वर्ग फीट का हिस्सा ध्वस्त किया गया, जिसकी बाजार कीमत लगभग 50 लाख रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई प्रशासन द्वारा दी गई नोटिस का पालन न करने के बाद की गई। इस होटल के अलावा, अन्य छोटे-बड़े अवैध निर्माणों को भी हटाया गया, जिससे सरकारी जमीन को और अधिक खाली कराया गया। [caption id="attachment_93528" align="alignnone" width="438"] होटल एंटी ली इन का ध्वस्तीकरण[/caption]

Dwarka Illegal Construction Demolition: सरकारी जमीन की मुक्ति

इस अभियान के तहत दो दिन पहले 27.5 करोड़ रुपये की कीमत वाली सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया था। द्वारका विकास प्राधिकरण और पुलिस के समन्वित प्रयासों से यह कार्रवाई संभव हुई। प्रांत अधिकारी अमोल अवटे ने बताया कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया, जिसमें नोटिस जारी करना और दस्तावेजों की जांच शामिल थी। इस ड्राइव में अब तक 24,000 वर्ग फीट से अधिक सरकारी जमीन को खाली कराया गया है, जिसकी कुल कीमत 35 करोड़ रुपये से अधिक है। यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सभी अतिक्रमण हट नहीं जाते। घनश्यामसिंह वढेर की रिपोर्ट