Yamunotri Landslide: उत्तराखंड में मानसून सीजन की शुरुआत के साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आने लगी हैं। सोमवार, 23 जून 2025 को दोपहर बाद उत्तरकाशी जिले के यमुनोत्री पैदल मार्ग पर जानकीचट्टी के नौ कैंची बैंड के पास अचानक पहाड़ी दरक गई, जिसके कारण बड़ा हादसा हो गया। इस भूस्खलन में 3 से 4 यात्रियों के मलबे में दबने की सूचना है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ) की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया।
यमुनोत्री धाम पर हादसा
यह हादसा यमुनोत्री धाम के पैदल मार्ग पर नौ कैंची बैंड के पास हुआ, जो तीर्थयात्रियों के लिए महत्वपूर्ण रास्ता है। मानसून के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है, और इस घटना ने एक बार फिर इस जोखिम को उजागर किया। स्थानीय लोगों और अधिकारियों के अनुसार, मलबे में दबे यात्रियों की संख्या 3 से 4 हो सकती है। घटना के तुरंत बाद बचाव कार्य शुरू कर दिए गए, जिसमें एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस, और प्रशासन की टीमें शामिल हैं।
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3-4 यात्री मलबे में दबे[/caption]
Yamunotri Landslide: रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत कुमार आर्य ने बताया कि भूस्खलन में एक व्यक्ति घायल हुआ है, जिसे तत्काल जानकीचट्टी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। घायल व्यक्ति, जो मुंबई का निवासी है, ने बताया कि उनके साथ एक पुरुष और 12-13 साल की एक बच्ची भी थी, जो संभवतः मलबे में फंसी हुई हैं। इन लापता यात्रियों को ढूंढने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि जल्द ही सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाल लिया जाएगा। रेस्क्यू कार्य में एनडीआरएफ, पुलिस, और प्रशासन के कर्मचारी पूरी मुस्तैदी से जुटे हैं।
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बारिश के कारण रेस्क्यू में दिक्कत
गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने बताया कि घटनास्थल पर बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। मानसून के दौरान लगातार बारिश और अस्थिर भू-संरचना के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में चुनौतियां आ रही हैं। इसके बावजूद, टीमें मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा शुरू करें और संवेदनशील क्षेत्रों में सावधानी बरतें।
Yamunotri Landslide: चारधाम यात्रा पर प्रभाव
उत्तराखंड में मानसून की शुरुआत के साथ ही चारधाम यात्रा मार्गों पर भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने की घटनाएं बढ़ गई हैं। यमुनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ, और गंगोत्री जैसे तीर्थस्थलों पर हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन मानसून के दौरान ये रास्ते जोखिम भरे हो जाते हैं। हाल ही में केदारनाथ मार्ग पर भी भूस्खलन में दो लोगों की मौत और तीन के घायल होने की खबर आई थी। प्रशासन ने 26 जून तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिसके चलते यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।