Uttarkashi NEWS: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के स्यानाचट्टी क्षेत्र में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से लोगों में दहशत का माहौल है। मंगलवार को हुई लगातार बारिश के बाद यमुना का बहाव तेज हो गया, जिससे क्षेत्र में एक झील का आकार बनने लगा। जलस्तर बढ़ने के कारण लगभग 400 मीटर क्षेत्र में सरकारी और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। इस आपदा के मद्देनजर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया।
[caption id="attachment_102068" align="alignnone" width="300"]Uttarkashi NEWS: भेजी गई मशीनें तीसरे दिन भी नहीं पहुंच सकीं
स्थानीय लोगों ने बताया कि जलस्तर बढ़ते ही उन्होंने अपने होटल और घर खाली कर दिए तथा जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। बलदेव सिंह राणा समेत कई लोगों ने समय रहते अपने प्रतिष्ठान खाली कर दिए। क्षेत्र में भय का माहौल है क्योंकि झील के मुहाने तक राहत कार्यों के लिए भेजी गई मशीनें तीसरे दिन भी नहीं पहुंच सकीं।
Uttarkashi NEWS: मशीनें अभी भी रास्ता बना रही हैं
सिंचाई विभाग की टीम लगातार प्रयास कर रही है कि झील के मुहाने को खोला जा सके। कुपड़ा खड्ड क्षेत्र में तीन पोकलेन मशीनें तैनात की गई हैं, लेकिन खराब रास्तों के चलते मशीनों को मौके तक पहुंचाने में दिक्कत आ रही है। ई पन्नीलाल ने बताया कि यमुना नदी पर चैनलाइजेशन का काम भी जारी है और मशीनें अभी भी रास्ता बना रही हैं।
Uttarkashi NEWS: भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा
इधर, लगातार हो रही बारिश से गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे पर भी असर पड़ा है। गंगोत्री हाईवे नलूणा के पास भूस्खलन के कारण सोमवार को बंद हो गया था, लेकिन मंगलवार को बीआरओ ने मार्ग को यातायात के लिए बहाल कर दिया। इससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि यमुनोत्री हाईवे अभी भी जंगलचट्टी और नारदचट्टी के पास पांचवें दिन भी बंद है। भू-धंसाव के कारण हाईवे खोलने में एनएच विभाग को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
Uttarkashi NEWS: यमुनोत्री मार्ग बंद रहने से परेशानियां बरकरार हैं
यमुनोत्री धाम और आसपास के पांच गांवों का संपर्क मुख्यालय से कट गया था। प्रशासन ड्रोन के माध्यम से नलूणा भूस्खलन क्षेत्र की निगरानी कर रहा है। अब गंगोत्री हाईवे खुलने से जहां कुछ राहत मिली है, वहीं यमुनोत्री मार्ग बंद रहने से परेशानियां बरकरार हैं।