CM पुष्कर सिंह धामी ने किया हिमकास्ट ऐप का उद्घाटन, वन उत्पादों की बिक्री और वितरण होगी आधुनिक
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के मुख्य सेवक सदन में आयोजित उत्तराखंड वन विकास निगम के रजत जयंती समारोह में भाग लिया, जहां उन्होंने वानिकी क्षेत्र में डिजिटल शासन को मजबूत करने के उद्देश्य से नए मोबाइल एप्लिकेशन का उद्घाटन किया । इस कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री धामी ने "हिमकास्ट" मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया और इसे निगम के अंतर्गत वन उत्पादों की बिक्री और वितरण को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
वन उत्पादों की ऑनलाइन खरीदी
इस अवसर पर बोलते हुए, CM धामी ने कहा कि यह APP लकड़ी के व्यापार को सुव्यवस्थित करेगा और वन उत्पादों की ऑनलाइन खरीद को आसान बनाएगा, जिससे हितधारकों के लिए ज्यादा सुलभता सुनिश्चित होगी। CM ने कहा इस ऐतिहासिक अवसर पर, हमने हिमकास्ट नामक एक मोबाइल एप्लिकेशन भी लॉन्च किया है। इस APP के माध्यम से वन विकास निगम से लकड़ी बेची जा सकती है। इससे वन उत्पादों की ऑनलाइन खरीद भी संभव हो सकेगी। मुझे भरोसा है कि यह पहल पारदर्शिता और सुविधा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इससे निगम की बिक्री प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी, अधिक प्रभावी और अधिक विश्वसनीय बनेगी।
परियोजना की प्रगति की समीक्षा
सीएम धामी ने कहा आज, हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में, हम राज्य में पारिस्थितिकी, अर्थव्यवस्था और प्रौद्योगिकी के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस बीच, बीते सोमवार को मुख्यमंत्री धामी ने नई दिल्ली के उत्तराखंड निवास में भारतीय भूमि बंदरगाह प्राधिकरण के अध्यक्ष जयंत सिंह से मुलाकात की । उन्होंने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित चंपावत जिले के बनबासा (गुडमी) में निर्माणाधीन आधुनिक भूमि बंदरगाह परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। इस परियोजना को एशियाई राजमार्ग से जोड़कर अंतरराष्ट्रीय संपर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के धारचूला और झूलाघाट सीमावर्ती क्षेत्रों में सीमा व्यापार, परिवहन और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर चर्चा की, जो भारत-नेपाल सीमा पर भी स्थित हैं।
रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री धामी ने इस बात पर जोर दिया कि विकास कार्यों को स्थानीय जरूरतों और जनहित को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों के उत्पादों के लिए बेहतर बाजार पहुंच सुनिश्चित होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और धरातल पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।