Uttarakhand Assembly Session: भारी बारिश और आपदा के साये में गैरसैंण में कल से शुरू होगा विधानसभा का मानसून सत्र!
Uttarakhand Assembly Session: उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में विधानसभा का मानसून सत्र 19 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। लेकिन इस बार का सत्र प्राकृतिक चुनौतियों से घिरा हुआ है। एक ओर जहां उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में हाल ही में आई आपदा ने शासन-प्रशासन को व्यस्त कर रखा है, वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने 22 अगस्त तक लगातार बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे सत्र की व्यवस्था पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
[caption id="attachment_100575" align="alignnone" width="300"]Uttarakhand Assembly Session: सीएम धामी ने सत्र की तैयारियों का जायजा लिया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मानसून सत्र से एक दिन पहले यानी रविवार को भराड़ीसैंण पहुंच गए। हेलीपैड पर जिलाधिकारी संदीप तिवारी और पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने उनका स्वागत किया। पुलिस द्वारा मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। सीएम धामी ने सत्र की तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
Uttarakhand Assembly Session: दूसरी टीम रविवार को जाएगी
विधानसभा सचिवालय की ओर से सत्र को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राज्य सचिवालय से अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमें रविवार और सोमवार को गैरसैंण के लिए रवाना हो रही हैं। विस सचिवालय के एक दल ने पहले ही प्रस्थान कर लिया है जबकि दूसरी टीम रविवार को जाएगी।
Uttarakhand Assembly Session: लॉजिस्टिक्स की चुनौतियां भी बढ़ गई
तेज बारिश और भूस्खलन की आशंका के बीच सड़क मार्ग से गैरसैंण पहुंचना खासा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में प्रशासन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि सत्र के दौरान किसी प्रकार की बाधा न आए। भारी बारिश के बीच सत्र के आयोजन को लेकर सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स की चुनौतियां भी बढ़ गई हैं।
Uttarakhand Assembly Session: विकास कार्यों की स्थिति प्रमुख मुद्दे हो सकते
यह सत्र 22 अगस्त तक चलेगा, जिसमें राज्य सरकार विभिन्न अहम मुद्दों पर चर्चा करेगी। धराली आपदा, बारिश से जुड़ी समस्याएं और राज्य में विकास कार्यों की स्थिति प्रमुख मुद्दे हो सकते हैं।
सत्र के इस आयोजन से सरकार की राजनीतिक इच्छाशक्ति भी झलकती है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बनाए रखने की प्रतिबद्धता दर्शाती है।