उत्तराखंड

UKSSSC पेपर लीक कांड: 20 दिन बाद आयोग ने परीक्षा रद्द की, सीएम धामी बोले – निष्पक्ष जांच से ही लौटेगा भरोसा

UKSSSC Exam Cancelled: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा आयोजित परीक्षा के पेपर लीक कांड ने राज्य की परीक्षा प्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया था। लगातार बढ़ते छात्र आंदोलनों, जांच रिपोर्ट और राजनीतिक दबाव के बीच आखिरकार आयोग ने इस परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने का फैसला लिया है। यह निर्णय जांच आयोग की रिपोर्ट आने के कुछ ही घंटों बाद लिया गया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि सरकार और आयोग अब किसी भी तरह की लापरवाही या धांधली के मामले में सख्त रुख अपनाने वाले हैं।

जांच आयोग की रिपोर्ट के बाद बड़ा फैसला

उत्तराखंड सरकार ने इस पेपर लीक मामले की जांच के लिए एक एकल सदस्यीय जांच आयोग बनाया था, जिसकी अध्यक्षता उत्तराखंड हाईकोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी ने की। जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंपी। रिपोर्ट में परीक्षा प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं, पेपर लीक के तौर-तरीकों और इससे जुड़े अधिकारियों की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी गई थी। [caption id="attachment_110511" align="alignnone" width="680"] उत्तराखंड हाईकोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी सीएम धामी को रिपोर्ट सौंपते हुए।[/caption]

सीएम धामी की प्रतिक्रिया

रिपोर्ट मिलने के बाद सीएम धामी ने कहा —
आयोग ने कम समय में अधिक से अधिक जनसुनवाई की है और छात्रों सहित सभी संबंधित पक्षों से सुझाव लिए हैं। यह कार्य सराहनीय है। हमने तय किया है कि रिपोर्ट का परीक्षण कर छात्रों के हित में निर्णय लिया जाएगा।
इसी बयान के कुछ घंटे बाद ही UKSSSC ने आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करते हुए परीक्षा रद्द करने की घोषणा कर दी।

पेपर लीक कांड: क्या है पूरा मामला?

UKSSSC द्वारा आयोजित इस परीक्षा के पेपर लीक होने की खबर सबसे पहले देहरादून और हरिद्वार जिलों से सामने आई थी। कई कोचिंग सेंटरों और संदिग्ध व्यक्तियों के घरों से प्रश्नपत्र की फोटोकॉपी और डिजिटल फाइलें बरामद हुईं। जांच में खुलासा हुआ कि परीक्षा से कुछ दिन पहले ही पेपर मोटे पैसों में बेचा गया था। सूत्रों के अनुसार, यह सौदा 2 से 5 लाख रुपये प्रति उम्मीदवार तक में हुआ था। [caption id="attachment_110513" align="alignnone" width="748"] पेपर लीक कांड[/caption]

UKSSSC Exam Cancelled: STF की कार्रवाई

राज्य की विशेष कार्यबल (STF) ने इस मामले में अब तक कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनमें आयोग के कुछ कर्मचारी, कोचिंग संचालक और दलाल शामिल हैं। जांच के दौरान STF ने पाया कि यह नेटवर्क राज्य से बाहर तक फैला हुआ था, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई।

छात्रों का आन्दोलन

पेपर लीक सामने आने के बाद प्रदेश भर में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। देहरादून, पौड़ी, हरिद्वार और अल्मोड़ा में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन और रैलियाँ आयोजित कीं। वे मांग कर रहे थे कि –
  1. परीक्षा को रद्द किया जाए।
  2. दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
  3. भविष्य की परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
कई जगह छात्रों ने आयोग के कार्यालयों के बाहर धरना प्रदर्शन किया। सोशल मीडिया पर #UKSSSC_PaperLeak और #JusticeForStudents ट्रेंड करता रहा। सरकार ने छात्रों के इन विरोधों को गंभीरता से लिया और तुरंत एकल सदस्यीय जांच आयोग गठित कर दिया।

आयोग की रिपोर्ट में क्या कहा गया?

पूर्व न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी की रिपोर्ट में यह साफ बताया गया कि परीक्षा के दौरान सुरक्षा और गोपनीयता के मानक पूरी तरह टूट गए थे। रिपोर्ट के मुख्य बिंदु:
  • परीक्षा के प्रश्नपत्र छपाई के दौरान ही लीक हुए।
  • निगरानी व्यवस्था कमजोर थी।
  • पेपर आउट होने की जानकारी कुछ अफसरों तक सीमित रही।
  • शिकायतें आने के बाद भी त्वरित कार्रवाई नहीं की गई।
  • कुछ निजी संस्थानों की भूमिका संदिग्ध पाई गई।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ऐसी घटनाओं से छात्रों का मनोबल टूटता है और सरकारी तंत्र पर से उनका भरोसा डगमगाता है।

UKSSSC Exam Cancelled: सीएम धामी का बड़ा ऐलान

रिपोर्ट मिलने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की संस्तुति की जा चुकी है। उन्होंने कहा — “हम किसी भी दोषी को बख्शेंगे नहीं। सीबीआई जांच से निष्पक्षता सुनिश्चित होगी और सच्चाई सबके सामने आएगी।” सीएम धामी ने यह भी भरोसा दिलाया कि भविष्य में राज्य में आयोजित होने वाली हर परीक्षा में शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखी जाएगी। उन्होंने छात्रों और अभिभावकों से अपील की कि वे सरकार पर भरोसा रखें क्योंकि दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी।

UKSSSC ने जारी किया रद्द करने का नोटिफिकेशन

UKSSSC Exam Cancelled: आयोग ने अपनी वेबसाइट पर आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करते हुए बताया कि पेपर लीक मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरा परीक्षा परिणाम रद्द किया जा रहा है। नोटिफिकेशन में यह भी कहा गया कि — “नई परीक्षा तिथि शीघ्र घोषित की जाएगी और इस बार प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी।” इसके साथ ही आयोग ने छात्रों से क्षमा याचना भी की और कहा कि उनकी मेहनत व्यर्थ नहीं जाएगी।