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बारिश ने मचाई तबाही: हिमाचल में लैंडस्लाइड, 4 की मौत..पंजाब, हरियाणा, जम्मू में बाढ़

Himachal landslide floods 2025: भारत के उत्तर और मध्य भागों में भारी बारिश ने भयानक रूप धारण कर लिया, जिससे बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं ने कई राज्यों को प्रभावित किया। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में हालात गंभीर हो गए। हिमाचल के शिमला में भूस्खलन से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि पंजाब के 11 जिलों में बाढ़ ने 1312 गांवों को अपनी चपेट में ले लिया। उत्तराखंड में केदारनाथ हाईवे पर भूस्खलन से दो मौतें हुईं, और जम्मू-कश्मीर के राजौरी में 12 घर ढह गए। 

रेस्क्यू ऑपरेशन तेज

केंद्र सरकार ने इंटर-मिनिस्टीरियल सेंट्रल टीम्स (IMCT) गठित कीं, जबकि स्थानीय स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन तेज हो गए। भारत मौसम विभाग (IMD) ने सितंबर में ऊपर-औसत वर्षा की चेतावनी जारी की है, जो इन आपदाओं को और गंभीर बना सकती है। कुल मिलाकर, इन घटनाओं से सैकड़ों मौतें, हजारों विस्थापित और अरबों का नुकसान हुआ है।

शिमला में भूस्खलन: चार मौतें

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में 1 सितंबर को भारी बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं हुईं, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। जूनगा तहसील में वीरेंद्र कुमार (35 वर्ष) और उनकी 10 वर्षीय बेटी की मौत हो गई, जब उनका घर भूस्खलन में दब गया। उनकी पत्नी बाहर होने के कारण बच गईं, लेकिन घर और पशुधन नष्ट हो गया। कोटखाई उपमंडल के चोल गांव में बुजुर्ग महिला कलावती की मौत हो गई, जब उनके घर के पीछे भूस्खलन से इमारत ढह गई। स्थानीय लोगों ने उन्हें मलबे से निकालने की कोशिश की, लेकिन वे घायल हो गईं। इन घटनाओं से दो लोग घायल भी हुए। शिमला में रविवार रात से लगातार बारिश ने स्थिति बिगाड़ दी, जिससे सड़कें अवरुद्ध हो गईं और बिजली-पानी की आपूर्ति बाधित हुई। [caption id="attachment_102777" align="alignnone" width="512"] शिमला जिले में भारी बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं हुईं, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई[/caption]

Himachal landslide floods 2025: मंडी में हालात खराब

मंडी जिले में सबसे अधिक प्रभाव पड़ा, जहां 23 मौतें दर्ज की गईं। कांगड़ा में 24 मौतें, कुल्लू में 10, और चंबा में कई। कुल 560 सड़कें बंद हो गईं, जिनमें चंडीगढ़-मनाली हाईवे, पुरानी हिंदुस्तान-तिब्बत सड़क शामिल हैं। 236 जल आपूर्ति योजनाएं और 113 ट्रांसफॉर्मर प्रभावित हुए। रामपुर में भूस्खलन से तीन घर क्षतिग्रस्त हो गए। IMD ने शिमला, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर के लिए रेड अलर्ट जारी किया, जिसमें भूस्खलन और बाढ़ की चेतावनी दी गई।

 3 लाख करोड़ रु का नुकसान

हिमाचल में बाढ़ ने बीस नदी को उफान पर ला दिया, जिससे मणिमहेश यात्रा प्रभावित हुई। 16 तीर्थयात्री मारे गए। कुल 300 से अधिक मौतें हुईं, जिनमें 166 वर्षा-संबंधी और 154 सड़क दुर्घटनाओं से। नुकसान 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक। Read More: जम्मू-कश्मीर, पंजाब और अन्य राज्यों में बाढ़ और लैंडस्लाइड से तबाही: 40 से अधिक मौतें

Himachal landslide floods 2025:पंजाब में बाढ़ 

पंजाब के 11 जिलों—फाजिल्का, फिरोजपुर, कपूरथला, पठानकोट, तरनतारन, बरनाला, गुरदासपुर, होशियारपुर, अमृतसर, जालंधर और लुधियाना—में बाढ़ ने 1312 गांव प्रभावित किए। सतलुज, ब्यास और रावी नदियां उफान पर हैं, जो हिमाचल और जम्मू-कश्मीर से आने वाली बारिश से प्रभावित हुईं। जालंधर और लुधियाना में 4 फीट तक पानी भर गया। अमृतसर के घोनेवाला में धुसी बांध टूटने से 15 किमी क्षेत्र बाढ़ग्रस्त हो गया। भाखड़ा डैम के गेट 4 फीट खोले गए। [caption id="attachment_102778" align="alignnone" width="499"] पंजाब के 11 जिलों में बाढ़[/caption]

 ब्यास और रावी उफान पर

भारी बारिश ने सतलुज, ब्यास और रावी को उफान पर ला दिया। 3 लाख एकड़ फसल नष्ट हो गई। हजारों लोग विस्थापित, स्कूल बंद। IMD ने अगले कुछ दिनों तक भारी वर्षा की चेतावनी दी।

हरियाणा में बाढ़ जैसे हालात

हरियाणा के यमुनानगर, सिरसा, पंचकूला, अंबाला, करनाल और कैथल सहित 6 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़ा गया। पंचकूला, यमुनानगर और अंबाला में भारी बारिश। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नदियों के किनारे निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। यमुना में 3.29 लाख क्यूसेक पानी, जो उच्च बाढ़ का स्तर है। दिल्ली तक पहुंचने में 48 घंटे लगेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में अलर्ट, स्कूल बंद। [caption id="attachment_102780" align="alignnone" width="527"] हरियाणा में बाढ़ जैसे हालात, रेस्क्यू जारी[/caption]

केदारनाथ हाईवे पर भूस्खलन

उत्तराखंड के केदारनाथ नेशनल हाईवे पर सोमवार को भूस्खलन से दो यात्रियों की मौत और छह घायल। पिथौरागढ़ में धौलीगंगा पावर प्रोजेक्ट के 19 कर्मचारी फंस गए। उत्तरकाशी में धराली में बादल फटने से बाढ़, 5 मौतें। [caption id="attachment_102782" align="alignnone" width="528"] केदारनाथ नेशनल हाईवे पर सोमवार को भूस्खलन से दो यात्रियों की मौत और छह घायल[/caption]

जम्मू-कश्मीर में बाढ़ 

राजौरी जिले में भूस्खलन से 12 घर टूटे, चिनाब नदी का जलस्तर बढ़ा। किश्त्वाड़, कठुआ, रीसी और रामबन में 130 मौतें, 120 घायल। कटरा में वैष्णो देवी मार्ग पर लैंडस्लाइड से 34 मौतें।

गृह मंत्री अमित शाह का दौरा

अमित शाह ने 1 सितंबर को बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा किया, हवाई सर्वेक्षण और उच्चस्तरीय बैठक की। कटरा और किश्त्वाड़ का दौरा, घायलों से मुलाकात। केंद्र ने IMCT भेजी। शाह ने पंजाब सीएम से बात की, हर संभव मदद का वादा।

Himachal landslide floods 2025: छत्तीसगढ़ में बाढ़

छत्तीसगढ़ सीएम विष्णु देव साई ने बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। 8 मौतें, 96 पशु मारे गए, 495 घर क्षतिग्रस्त। 2000 से अधिक लोग सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए गए। महानदी बेसिन में बाढ़ का खतरा। CM ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से राहत कार्यों की समीक्षा की।

केंद्र ने की IMCT गठित 

केंद्र ने हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के लिए IMCT गठित कीं। NDRF, SDRF, आर्मी, IAF ने हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया। पंजाब में 25 लोग आर्मी हेलीकॉप्टर से बचाए गए। हिमाचल में 70,000 पर्यटक निकाले गए। उत्तराखंड में 190 लोग बचाए। जम्मू में IAF ने 215 लोगों को बचाया, 7300 किग्रा राहत सामग्री पहुंचाई। छत्तीसगढ़ में 2196 लोग 43 कैंपों में। भारी बारिश, अवरुद्ध सड़कें और भूस्खलन ने रेस्क्यू बाधित किया। सैटेलाइट फोन का उपयोग। https://youtube.com/shorts/WVqx2pO5Cvg?si=Z7-VnQjw0wnB07kk

IMD की चेतावनी

IMD ने सितंबर में 109% ऊपर वर्षा की भविष्यवाणी की। उत्तर-पश्चिम भारत में अगस्त में 265 मिमी वर्षा, 2001 के बाद सबसे अधिक। पश्चिमी विक्षोभ और मानसून की बातचीत से बाढ़। हिमाचल में रेड अलर्ट, उत्तराखंड में भूस्खलन चेतावनी। अगले 3-4 दिनों तक भारी वर्षा।