उत्तराखंड
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सीएम धामी ने दी श्रद्धांजलि, एकता का लिया संकल्प
Partition Remembrance Day: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने 1947 में भारत के विभाजन के दौरान अपनी जान गंवाने वाले लाखों नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। देहरादून में आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम धामी ने देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने का संकल्प दोहराया, साथ ही विभाजन की त्रासदी को मानव इतिहास का एक दुखद और अमानवीय अध्याय बताया।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सीएम धामी ने दी श्रद्धांजलि[/caption]
विभाजन: एक भू-राजनीतिक और भावनात्मक त्रासदी
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि विभाजन केवल एक भू-राजनीतिक घटना नहीं थी, बल्कि यह करोड़ों लोगों के लिए एक ऐसी त्रासदी थी, जिसने उनके दिलों पर अमिट घाव छोड़े। लाखों परिवार बेघर हुए, अनगिनत लोग हिंसा का शिकार बने, और सामाजिक-सांस्कृतिक ताने-बाने को गहरी चोट पहुंची। उन्होंने कहा, “यह मानव इतिहास के सबसे भीषण और अमानवीय अध्यायों में से एक था। इसकी पीड़ा न केवल उस समय के लोगों ने झेली, बल्कि यह पीढ़ी-दर-पीढ़ी महसूस की जाती रहेगी।” सीएम ने जोर देकर कहा कि यह दिवस हमें उन बलिदानियों को याद करने और उनकी कुर्बानियों से प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करता है। [caption id="attachment_99832" align="alignnone" width="482"]Partition Remembrance Day: एकता और अखंडता का संदेश
सीएम धामी ने इस अवसर पर देशवासियों को एकजुट होकर भारत की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय अखंडता की रक्षा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस न केवल अतीत की त्रासदी को स्मरण करने का दिन है, बल्कि यह हमें भविष्य के लिए प्रेरित भी करता है। यह हमें सिखाता है कि हमें अपनी एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को हर हाल में बनाए रखना है। उन्होंने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो। इसके लिए हमें अपने देश की सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान को मजबूत करना होगा।”Read More: ‘हर घर तिरंगा’ अभियान: उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फहराया तिरंगाविभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होकर देश के विभाजन के समय अपनी जान गंवाने वाले नागरिकों को श्रद्धांजलि दी। विभाजन की त्रासदी सिर्फ एक भू-राजनीतिक घटना नहीं थी, बल्कि करोड़ों दिलों पर अमिट घाव छोड़ देने वाला दर्द था। यह मानव इतिहास के सबसे भीषण और… pic.twitter.com/t2k2SWkIO6
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 14, 2025