उत्तराखंड

केदारनाथ यात्रा 2025: घोड़े-खच्चरों पर रोक! प्रशासन ने शुरू की डंडी-कंडी सुविधा

kedarnath yatra 2025 horse ban : वृद्ध यात्रियों के लिए डंडी-कंडी सेवा शुरू

kedarnath yatra 2025 horse ban : रुद्रप्रयाग – केदारनाथ धाम की पवित्र यात्रा में इस बार प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों के संचालन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इसके स्थान पर प्रशासन ने प्रतिदिन 800 से 1000 डंडी-कंडी की सुविधा यात्रियों के लिए शुरू कर दी है।

? क्यों बंद हुए घोड़े-खच्चर?

जिला पंचायत और जिला प्रशासन ने बताया कि बीते कुछ दिनों में घोड़ों और खच्चरों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इससे ना सिर्फ जानवरों की सेहत पर असर पड़ा, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडराने लगा। यही वजह रही कि तत्काल प्रभाव से इनका संचालन रोका गया।

? अब डंडी-कंडी से होगी यात्रा

प्रशासन ने डंडी और कंडी श्रमिकों की संख्या बढ़ाई है। बुजुर्ग और असमर्थ यात्रियों को अब हर दिन 800 से 1000 डंडी/कंडी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इससे न सिर्फ श्रद्धालुओं को राहत मिली है बल्कि स्थानीय श्रमिकों को भी रोजगार का अवसर मिला है।

? डंडी: पालकी जैसे लकड़ी के स्ट्रक्चर जिसमें यात्रियों को उठाकर ले जाया जाता है
? कंडी: पीठ पर ढोने वाला साधन

वर्तमान में 20 विभिन्न स्थानों पर डंडी-कंडी ऑपरेटर कार्यरत हैं और यात्रा प्रबंधन में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

? आवश्यक सामग्री भी पहुंच रही है कंडी मजदूरों के जरिए

यात्रियों के साथ-साथ गौरीकुंड से केदारनाथ तक आवश्यक खाद्य और दवाइयों जैसी सामग्री भी कंडी मजदूरों के माध्यम से पहुंचाई जा रही है। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी श्रद्धालु को भोजन या अन्य सामग्री की कमी न हो।

? श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब

बीते 7 दिनों में रिकॉर्ड 1,69,942 तीर्थयात्री केदारनाथ धाम पहुंचे हैं। टोकन व्यवस्था के जरिए दर्शन की प्रक्रिया व्यवस्थित की गई है। श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के साथ-साथ भीमशिला, शंकराचार्य समाधि, और भैरव बाबा मंदिर के भी दर्शन कर रहे हैं।

? मद्महेश्वर मंदिर 21 मई को खुलेगा

केदारनाथ के अलावा, भगवान मद्महेश्वर के कपाट 21 मई 2025 को कर्क लग्न में श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।
उत्सव डोली की यात्रा कार्यक्रम:

  • 18 मई: ऊखीमठ के गर्भगृह से बाहर

  • 19 मई: राकेश्वरी मंदिर, रांसी में रात्रि विश्राम

  • 20 मई: गौंडार के लिए प्रस्थान

  • 21 मई: मद्महेश्वर मंदिर में कपाट खुलेंगे

घोड़े-खच्चर बंद होने के बावजूद यात्रा सुचारु रूप से जारी है।

प्रशासन की डंडी-कंडी पहल से असमर्थ और वरिष्ठ नागरिकों को बड़ा राहत मिला है। साथ ही, मद्महेश्वर मंदिर की यात्रा और कपाट उद्घाटन से श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर है। केदारनाथ यात्रा 2025 में आस्था, सेवा और व्यवस्था का अनूठा संगम देखा जा रहा है।

? यात्रा पर जाने से पहले अपडेट चेक करें और आवश्यक पंजीकरण अवश्य करवाएं।

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