उत्तराखंड

केदारनाथ धाम के कपाट खुले : 108 क्विंटल फूलों से सजाया मंदिर

kedarnath dham kapat open : केदारनाथ धाम के कपाट खुले:  पहले दिन 1200 श्रद्धालु आए!

kedarnath dham kapat open : शुक्रवार को केदारनाथ धाम के कपाट खुल गए, जिससे भक्तों के लिए एक नई शुरुआत हुई। जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, भक्तों ने मंदिर के अंदर अखंड ज्योति जलती देखी। इसके बाद रुद्राभिषेक, शिवाष्टक, शिवतांडव स्तोत्र और केदाराष्टक मंत्रों का जाप किया गया। मंदिर को 54 किस्मों के 108 क्विंटल फूलों से सजाया गया था, जिसमें नेपाल, थाईलैंड और श्रीलंका जैसे विभिन्न देशों से लाए गए गुलाब और गेंदा के फूल शामिल थे।

पहले दिन की भीड़

पहले दिन ही करीब 1200 श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए टोकन प्रणाली के माध्यम से दर्शन कराए गए। अब श्रद्धालु अगले छह महीने तक दर्शन कर सकेंगे। यदि जून से अगस्त तक मौसम अच्छा रहा तो इस बार 25 लाख से अधिक लोगों के केदारनाथ पहुंचने की उम्मीद है।

सबसे पहले दर्शन

मंदिर में सबसे पहले पहुंचने वाले व्यक्ति कर्नाटक के वीरशैव लिंगायत समुदाय के प्रमुख रावल भीमाशंकर थे। इसके बाद बाबा को छह माह पहले चढ़ाया गया भीष्म श्रृंगार हटा दिया गया। केदारनाथ धाम के लाइव दर्शन आप भास्कर ऐप पर देख सकते हैं।

भीष्म श्रृंगार की प्रक्रिया

दरवाजा खुलने के बाद भीष्म के आभूषण उतार दिए जाते हैं। यह प्रक्रिया भी दिलचस्प है। सबसे पहले शिवलिंग के पास रखे मौसमी फलों और सूखे मेवों के ढेर को हटा दिया जाता है, जिसे अर्घा कहते हैं। फिर वे बाबा को अर्पित 1 से 12 मुखी रुद्राक्ष की माला निकालते हैं। इसके बाद शिवलिंग के चारों ओर लपेटा गया सफेद सूती कपड़ा हटा दिया जाता है।

कपाट बंद करते समय शिवलिंग पर 6 लीटर शुद्ध घी लगाया जाता है, जो इस समय जमा हो जाता है और धीरे-धीरे शिवलिंग से हट जाता है। इसके बाद शिवलिंग को गंगा जल से स्नान कराया जाता है। गोमूत्र, दूध, शहद और पंचामृत से स्नान कराने के बाद बाबा केदार को ताजे फूल, भस्म और चंदन का तिलक लगाकर तैयार किया जाता है।

दरवाजा बंद करते समय भीष्म श्रृंगार करने में लगभग 5 घंटे लगते हैं, लेकिन दरवाजा खोलते समय यह आधे घंटे में गायब हो जाता है। सुबह साढ़े सात बजे से ही श्रद्धालुओं को गर्भगृह में भेजा जाना शुरू हो गया है।

चारधाम यात्रा की शुरुआत

चारधाम यात्रा 30 अप्रैल (अक्षय तृतीया) से शुरू हो गई है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुल गए हैं। बद्रीनाथ धाम के कपाट 4 मई को खुलेंगे। इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिसमें लाइव दर्शन, टोकन प्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था शामिल है।

भास्कर ऐप पर लाइव दर्शन

केदारनाथ धाम के लाइव दर्शन आप भास्कर ऐप पर देख सकते हैं। यह ऐप श्रद्धालुओं को मंदिर के दर्शन करने में मदद करता है, भले ही वे व्यक्तिगत रूप से वहां न हों। इससे लोगों को मंदिर के दर्शन करने का मौका मिलता है और वे भगवान केदारनाथ के दर्शन कर सकते हैं।

भविष्य की योजनाएं

अगले छह महीने तक श्रद्धालुओं को दर्शन करने का मौका मिलेगा। यदि मौसम अच्छा रहा तो इस बार 25 लाख से अधिक लोगों के केदारनाथ पहुंचने की उम्मीद है। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई व्यवस्थाएं की हैं, जिसमें टोकन प्रणाली, लाइव दर्शन और सुरक्षा व्यवस्था शामिल है।

केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से श्रद्धालुओं के लिए एक नई शुरुआत हुई है। मंदिर को 108 क्विंटल फूलों से सजाया गया है और पहले दिन ही 1200 श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। अगले छह महीने तक श्रद्धालुओं को दर्शन करने का मौका मिलेगा और यदि मौसम अच्छा रहा तो 25 लाख से अधिक लोगों के केदारनाथ पहुंचने की उम्मीद है। भास्कर ऐप पर लाइव दर्शन की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे श्रद्धालु भगवान केदारनाथ के दर्शन कर सकते हैं।

Raed More:- भारत पर हमले की साजिश: आईएसआई का बांग्लादेश में नया खेल

Click this:- Download Our News App For Latest Update  and "Follow" whatsapp channel

Watch Now:- कुर्सी पर बैठाकर डांसर को चूमने चला BJP नेता!