कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 का शेड्यूल जारी, 4 जुलाई से यात्रा की शुरुआत
विदेश मंत्रालय ने कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 का शेड्यूल जारी कर दिया है। इस साल भी कैलाश मानसरोवर यात्रा उत्तराखंड के लिपुलेख और सिक्किम के नाथुला दर्रे से संचालित होगी। दोनों रूट से 10-10 बैचों में कुल 1000 श्रद्धालु यात्रा करेंगे, जिनमें लिपुलेख रूट से 500 यात्री शामिल है।
4 जुलाई से यात्रा की शुरुआत
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से संचालित होने वाली इस यात्रा का पहला बैच 4 जुलाई को दिल्ली से रवाना होगा। इससे पहले श्रद्धालु को 30 जून से 3 जुलाई तक दिल्ली में मेडिकल, डॉक्यूमेंट और ब्रीफिंग की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस बार यात्रा को लेकर सबसे बड़ा बदलाव किया है। अब लगभग पूरी यात्रा सड़क मार्ग से होगी। जहां पहले 60 km से ज्यादा पैदल चलना पड़ता था, वहीं अब कुल यात्रा में सिर्फ 38 km ट्रेक ही बचा है। पूरी यात्रा 1738 km की होगी, जिसमें ज्यादातर दूरी वाहन से तय की जाएगी।
श्रद्धालुओं का मेडिकल टेस्ट
बता दे यात्रा का पहला चरण दिल्ली से शुरू होता है। शेड्यूल के मुताबिक यात्री 30 जून को दिल्ली पहुंचेंगे। 1 जुलाई को पासपोर्ट और वीजा फीस कलेक्शन के साथ दिल्ली हार्ट एंड लंग इंस्टीट्यूट में परीक्षण होगा। 2 जुलाई को ITBP बेस हॉस्पिटल में मेडिकल जांच की जाएगी। इसके बाद 3 जुलाई को विदेश मंत्रालय की ब्रीफिंग, चाइनीज वीजा, फॉरिन एक्सचेंज और KMVN फीस जमा करने की प्रक्रिया पूरी होगी। इन 4 दिनों में यात्रियों की पूरी स्क्रीनिंग हो जाती है और जो फिट पाए जाते हैं, वही आगे यात्रा के लिए रवाना होते हैं।
यात्रा का रूट
4 जुलाई को पहला दल दिल्ली से टेंपो ट्रैवलर के जरिए टनकपुर के लिए रवाना किया जाएगा, जहां रात में ठहराव होगा। अगले दिन टनकपुर से धारचूला पहुंचकर श्रद्धालु का रात्रि विश्राम होगा। तीसरे दिन धारचूला से गुंजी यात्रा पहुंचेगी। गुंजी इस यात्रा का अहम पड़ाव है, जहां श्रद्धालु को एक दिन रुककर मेडिकल जांच और शरीर को ऊंचाई के अनुसार ढालने (एक्लेमेटाइजेशन) की प्रक्रिया से गुजरना होता है। इसके बाद दल कालापानी होते हुए नाभीढांग पहुंचेगा और यहां रात में रुका जाएगा।