International Olympic Day: देहरादून में 'अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस' के अवसर पर उत्तराखण्ड राज्य के खेल विभाग द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं में ओलंपिक भावना को प्रोत्साहित करना, खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और खिलाड़ियों के योगदान को सम्मानित करना था।
[caption id="attachment_90146" align="alignnone" width="300"]International Olympic Day: खेल से जुड़े लोगों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी
कार्यक्रम में विभिन्न खेल संस्थानों, स्कूलों, कॉलेजों और खेल संगठनों से आए खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत ओलंपिक दिवस रन से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं और खेल से जुड़े लोगों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।
International Olympic Day: अनुशासन के महत्व को समझते
इस अवसर पर खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने ओलंपिक के मूल सिद्धांतों — उत्कृष्टता, मित्रता और सम्मान — पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह दिन न केवल खेलों का उत्सव है, बल्कि एक ऐसा अवसर भी है जब हम स्वस्थ जीवनशैली और अनुशासन के महत्व को समझते हैं।
स्मृति चिह्न भेंट कर प्रोत्साहित किया गया
International Olympic Day: कार्यक्रम में राज्य के उभरते खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया गया, जिन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया है। इन खिलाड़ियों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न भेंट कर प्रोत्साहित किया गया।
International Olympic Day: कार्यशाला का आयोजन भी किया गया
इसके साथ ही खेल विभाग द्वारा फिटनेस, पोषण, खेल प्रशिक्षण और करियर अवसरों से जुड़ी उपयोगी जानकारियाँ देने के लिए एक विशेष सेमिनार और कार्यशाला का आयोजन भी किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों और दर्शकों को ‘ओलंपिक चार्टर’ के मूल्यों को अपनाने और खेल भावना को जीवन में उतारने की शपथ दिलाई गई।
अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के इस आयोजन ने देहरादून में खेल संस्कृति को और मजबूती दी और यह संदेश दिया कि खेल सिर्फ प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द, अनुशासन और समर्पण का माध्यम भी हैं।