CM योगी आदित्यनाथ ने 474 नौकरियों के लिए नियुक्ति पत्र वितरित किए
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित 202 प्रोफेसर, रीडर, चिकित्सा अधिकारी, स्टाफ नर्स और 272 अनुदेशक (व्यावसायिक शिक्षा विभाग और 7 नर्स, हॉस्टल वार्डन और कंपाउंडर (दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में नियुक्ति पत्र वितरित किए।
नियुक्ति पत्र वितरण
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नौकरी पाने के लिए अब सिफारिश की जरूरत नहीं पड़ती है। आयुष विभाग में वेरीफिकेशन में थोड़ी देरी जरूर हुई। आवेदन, परीक्षा से परिणाम तक किसी सिफारिश या दबाव की जरूरत नहीं पड़ी होगी। नीयत साफ, स्पष्ट नीति से परिणाम आने में देर नहीं होती। पिछले 9 साल में सरकार ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। कोई सोचता भी नहीं था कि UP में नियुक्ति निष्पक्ष तरीके से होगी। हमने अलग-अलग आयोग को जवाबदेही के साथ काम दिया है। तकनीक का बेहतर इस्तेमाल। किसी भी युवा के साथ कोई अन्याय न हो जिससे अब निष्पक्ष भर्ती होती है।
चौथा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम
CM योगी ने कहा पिछले 15 दिन में यह हमारा चौथा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम है। 26 अप्रैल को 60000 पुलिस आरक्षियों की पासिंग आउट परेड। 4 बड़ी नियुक्तियां हुईं। पिछले सप्ताह भी नियुक्ति पत्र दिया। आज यह चौथा कार्यक्रम है। आप का राज्य सरकार का हिस्सा बनने के लिए स्वागत है। सरकार की भी अपेक्षाएं होती हैं। जब योग्य और प्रतिभाशाली युवा हिस्सा बनते हैं तो प्रगति बढ़ेगी। दोनों में बेहतर संबद्ध हैं। इसका परिणाम निष्पक्ष भर्ती है। पैसा लेकर भर्ती होती थी। नौजवानों का शोषण होता था। जाति, महजब, धर्म देखकर नियुक्ति होती थी। तो प्रतिभा हताश होकर पलायन करता था। UP की प्रगति बाधित होती थी। यूपी बीमारू प्रदेश बन गया था। UP अराजकता की ओर चला गया था। नौजवाबनों के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया था।