उत्तर प्रदेश

Yogi Adityanath: सीएम योगी ने निर्माण कार्यों की समीक्षा,जनवरी तक पूर्ण करने के दिए निर्देश

Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक में आगरा में बन रहे छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय के निर्माण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय भारत की वीरता, स्वाभिमान और सांस्कृतिक वैभव का प्रेरणास्थल बनेगा। [caption id="attachment_113592" align="alignnone" width="237"] Yogi Adityanath[/caption]
मुख्यमंत्री ने अब तक की प्रगति पर संतोष जताया और शेष कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए, साथ ही स्पष्ट किया कि भवन निर्माण जनवरी तक हर हाल में पूरा होना चाहिए।

जनवरी तक हर हाल में पूरा होना चाहिए

सीएम ने यह भी कहा कि संग्रहालय केवल स्थिर प्रदर्शन स्थल नहीं होगा, बल्कि आगंतुक इसे जीवंत अनुभव के रूप में महसूस करें। प्रत्येक गैलरी को थीमैटिक और इंटरएक्टिव बनाने के निर्देश दिए गए ताकि लोग दर्शक न रहकर सहभागी बन सकें।

लोग दर्शक न रहकर सहभागी बन सकें

“शिवाजी एवं द ग्रेट एस्केप गैलरी” में आगरा किले से छत्रपति शिवाजी महाराज की ऐतिहासिक मुक्ति को 7D तकनीक, डिजिटल साउंड, लाइट और विजुअल इफेक्ट्स के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि आगंतुक उस वीरता और रणनीति को सजीव रूप में अनुभव कर सकें।
Yogi Adityanath: सीएम ने ‘अग्रदूतों की गैलरी’ में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 के अमर सेनानियों की वस्तुएं, स्मृतियां और दस्तावेज प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। इसमें झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, नाना साहेब, तात्या टोपे और अन्य वीरों की स्मृतियां आधुनिक तकनीक के साथ दिखाई जाएगी।

इंटरएक्टिव रूप में प्रदर्शित करने के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री ने त्योहारों की गैलरी के लिए काशी की महाशिवरात्रि, देव दीपावली, ब्रज का श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और प्रयागराज का महाकुंभ जैसे प्रमुख पर्वों को इंटरएक्टिव रूप में प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। आगंतुक इन अनुभवों में प्रकाश, ध्वनि, संगीत और रंगों के माध्यम से उत्सव का अनुभव कर सकेंगे। नदियों की गैलरी में गंगा, यमुना, सरयू और घाघरा जैसी नदियों से जुड़ी संस्कृति, आस्था और लोकजीवन का सजीव चित्रण होगा।

लोकजीवन का सजीव चित्रण होगा

सीएम ने संग्रहालय परिसर में सभी कलाकृतियाँ, मूर्तियां और स्थापत्य तत्व उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतिनिधित्व करने चाहिए, साथ ही आगरा गैलरी में शहर की स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत को प्रमुखता दी जाए।
ओरिएंटेशन गैलरी को संग्रहालय की प्रस्तावना के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे आगंतुक छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और उस समय के सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश को समझ सकें।

डिजिटल आर्काइव्स का उपयोग किया जाएगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि संग्रहालय केवल अतीत का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भविष्य के लिए प्रेरणा केंद्र बने। इसमें इंटरएक्टिव तकनीक, वर्चुअल रियलिटी, साउंड-लाइट शो और डिजिटल आर्काइव्स का उपयोग किया जाएगा।
सभी कार्य निर्धारित गुणवत्ता और समयसीमा में पूर्ण किए जाएं, ताकि यह संग्रहालय आगरा की पहचान और उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक गौरव का जीवंत प्रतीक बने।