Uttar Pradesh Assembly: उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र शुरू होते ही विपक्ष के हंगामे के चलते सत्र की शुरुआत में ही कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। विधानसभाध्यक्ष सतीश महाना ने प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के व्यवधान को देखते हुए यह निर्णय लिया। सत्र के पहले ही दिन प्रदेश में परिषदीय स्कूलों के विलय और बिजली निजीकरण जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष आक्रामक नजर आया।
[caption id="attachment_99252" align="alignnone" width="300"]Uttar Pradesh Assembly: केंद्र सरकार से सहयोग लेकर नए रिसर्च सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे
सपा विधायक पल्लवी पटेल ने कैंसर मरीजों की बढ़ती संख्या को लेकर सरकार को घेरा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार के विजन डॉक्यूमेंट में कैंसर इलाज के लिए सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा? जवाब में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि प्रदेश के कई प्रमुख अस्पतालों में कैंसर का इलाज हो रहा है, और रिसर्च के लिए कल्याण सिंह कैंसर संस्थान में प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार से सहयोग लेकर नए रिसर्च सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे।
Uttar Pradesh Assembly: सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी
सत्र की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मानसून सत्र में बाढ़, जलभराव, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि 13-14 अगस्त को “विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश” पर 24 घंटे की मैराथन चर्चा होगी। इस दौरान सरकार अपने आगामी 25 वर्षों के विकास विजन को सदन में रखेगी। यह कार्ययोजना नीति आयोग और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में तैयार की जाएगी, जिसमें सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
Uttar Pradesh Assembly: बाबा साहेब और डॉ. लोहिया की तस्वीरें भी थीं
वहीं, सपा विधायकों ने अनोखे अंदाज में सरकार के खिलाफ विरोध जताया। विधायक अतुल प्रधान एक विशेष कांवड़ के साथ सदन पहुंचे, जिसमें एक तरफ स्कूल और बच्चों की तस्वीरें थीं, जबकि दूसरी ओर सरकारी शराब की दुकान की तस्वीर। कांवड़ पर बाबा साहेब और डॉ. लोहिया की तस्वीरें भी थीं।
Uttar Pradesh Assembly: न्होंने सरकार की नीतियों पर तंज कसा
सपा विधायक सचिन यादव एक प्रतीकात्मक ड्रेस में पहुंचे, जिसमें "बेरोजगारी", "भ्रष्टाचार" और "आत्महत्या" जैसे शब्द लिखे थे। वे डिग्री जैसा कागज हाथ में लिए थे और छात्र जैसे परिधान में नजर आए, जिससे उन्होंने सरकार की नीतियों पर तंज कसा।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने विपक्ष से अपील की कि वे सदन में आकर रचनात्मक चर्चा करें और विकास से जुड़े मुद्दों पर सहयोग करें।