UP NEWS: आगरा में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की सुरक्षा में हुई गंभीर चूक के बाद प्रशासन ने वीआईपी प्रोटोकॉल की व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। घटना एक जून की है, जब उपराष्ट्रपति और हरियाणा के उपराज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय अहिल्याबाई होल्कर त्रिशताब्दी समारोह में शामिल होने के लिए आगरा पहुंचे थे। उनका विशेष विमान वायुसेना स्टेशन के तकनीकी क्षेत्र में उतरा, जहां सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए थे। बावजूद इसके तीन स्थानीय नेता—रोहित कत्याल, संजय अरोड़ा और सोनू कक्कड़—बिना अनुमति के टेक्निकल एरिया में घुस गए और उपराष्ट्रपति के काफी करीब पहुंच गए।
[caption id="attachment_86161" align="alignnone" width="300"]UP NEWS: कोई स्पष्ट कार्रवाई नहीं की गई
इस गंभीर सुरक्षा चूक के बाद उपराष्ट्रपति सचिवालय ने जिलाधिकारी से जवाब मांगा है। प्रशासन ने इसकी जिम्मेदारी वायुसेना स्टेशन के सुरक्षा अधिकारी पर डालते हुए जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरक्षा पहलुओं की समीक्षा की जा रही है, लेकिन चार दिन बाद भी अब तक दोषियों पर कोई स्पष्ट कार्रवाई नहीं की गई है।
UP NEWS: उल्लंघन करने पर उनका प्रवेश भी रोका जा सकता
इस घटना के बाद जिला प्रशासन ने वीआईपी प्रोटोकॉल को लेकर सख्ती बरतने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी वीआईपी के आगमन पर केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही एयरपोर्ट या कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश मिलेगा। जनप्रतिनिधि जैसे सांसद, विधायक और मंत्री भी तभी भीतर जा सकेंगे जब उनके नाम सूची में होंगे। प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर उनका प्रवेश भी रोका जा सकता है।
प्रशासन की गंभीरता पर सवाल उठ रहे
प्रशासन ने यह फैसला इसलिए लिया है ताकि भविष्य में किसी अन्य वीआईपी की सुरक्षा में इस तरह की चूक न हो। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है और यह ज़रूरी हो गया है कि सभी नियमों का सख्ती से पालन हो। हालांकि, अब तक घटना में लिप्त तीन अनधिकृत व्यक्तियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे प्रशासन की गंभीरता पर सवाल उठ रहे हैं।
विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है
सुरक्षा मामलों में ऐसी लापरवाहियां न केवल उच्च पदस्थ व्यक्तियों के लिए खतरा बन सकती हैं, बल्कि इससे प्रशासन की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है।