UP IAS Transfer 2026: कई जिलों के DM बदले, रिंकू सिंह राही को नई जिम्मेदारी… क्या है पूरा फेरबदल?
उत्तर प्रदेश में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। योगी सरकार ने 38 आईएएस अधिकारियों के तबादले करते हुए कई जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को बदल दिया है। इस फैसले से राज्य के प्रशासनिक ढांचे में नई हलचल शुरू हो गई है।
लखनऊ से जारी आदेश के अनुसार देवरिया, जौनपुर, मऊ, महाराजगंज, फिरोजाबाद, मुरादाबाद, संभल और प्रतापगढ़ समेत कई अहम जिलों में नए डीएम तैनात किए गए हैं। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और जमीनी स्तर पर असर दिखेगा।
किन जिलों में बदले गए DM?
इस बड़े फेरबदल में कई जिलों के प्रशासनिक प्रमुख बदले गए हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन पर सीधा असर पड़ेगा।
-
मधुसूदन हुल्गी को देवरिया का जिलाधिकारी बनाया गया
-
सैमुअल पाल एन को जौनपुर की जिम्मेदारी मिली
-
अनंत वर्धन को मऊ का डीएम नियुक्त किया गया
-
गौरव सिंह सोगरवाल को महाराजगंज का डीएम बनाया गया
-
संतोष कुमार शर्मा को फिरोजाबाद भेजा गया
-
राजेंद्र पेंसिया को मुरादाबाद की कमान सौंपी गई
-
अंकित खंडेलवाल को संभल का जिलाधिकारी बनाया गया
-
अभिषेक पांडेय को प्रतापगढ़ का डीएम नियुक्त किया गया
विभागों में भी बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
सिर्फ जिलों में ही नहीं, बल्कि कई अहम विभागों में भी बड़े स्तर पर बदलाव किए गए हैं।
-
शिव सहाय अवस्थी को यूपी ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण का CEO बनाया गया
-
अर्जुन सिंह को मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष सचिव बनाया गया
-
डॉ. अलका वर्मा को वित्त विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी दी गई
-
निधि बंसल को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में निदेशक (प्रशासन) बनाया गया
इस तरह सरकार ने प्रशासनिक मशीनरी को नई दिशा देने की कोशिश की है।
रिंकू सिंह राही को नई पोस्टिंग, क्यों हैं चर्चा में?
इस ट्रांसफर लिस्ट में सबसे ज्यादा चर्चा रिंकू सिंह राही को लेकर है। उन्हें राजस्व परिषद से हटाकर जालौन में संयुक्त मजिस्ट्रेट बनाया गया है।
हाल ही में उन्होंने यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया था कि उन्हें कोई काम नहीं दिया जा रहा है। हालांकि कुछ दिनों बाद उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया। अब नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उनकी वापसी को अहम माना जा रहा है।
प्रशासनिक बदलाव के पीछे क्या है रणनीति?
विशेषज्ञों के मुताबिक, इतने बड़े पैमाने पर IAS ट्रांसफर का सीधा मकसद प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना और योजनाओं को तेजी से लागू करना होता है।
-
जिलों में नई ऊर्जा और जवाबदेही बढ़ती है
-
सरकारी योजनाओं का ग्राउंड लेवल पर असर बेहतर होता है
-
कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों में गति आती है
आने वाले दिनों में इन बदलावों का असर जिलों के कामकाज और आम जनता पर साफ तौर पर देखने को मिल सकता है।