उत्तर प्रदेश
सती महारानी मंदिर: जहां सुहागिन महिलाएं मानती हैं इसे अपने सुहाग का सुरक्षा कवच
Sati Maharani Mandir Amethi: अमेठी का सती महारानी मंदिर आस्था और विश्वास का ऐसा केंद्र है जहां दूर-दूर से सुहागिन महिलाएं अपने वैवाहिक जीवन की मंगल कामना लेकर पहुंचती हैं यहां यह मान्यता पीढ़ियों से चली आ रही है कि सती महारानी अपने भक्तों के सुहाग की रक्षा करती हैं । मन्नत पूरी होने पर महिलाएं परंपरा के अनुसार दुरदुरिया भोज कराती हैं । गुरुवार को मंदिर परिसर में इसी परंपरा की झलक देखने को मिली जब हजारों की संख्या में सुहागिन महिलाएं भोज में शामिल हुईं . पूरा वातावरण श्रद्धा और उल्लास से भरा रहा ।
Sati Maharani Mandir Amethi: इतिहास से निकली आस्था की कहानी
स्थानीय इतिहास में दर्ज एक घटना इस मंदिर की मान्यता की जड़ मानी जाती है । साल 1842 में अमेठी रजवाड़े के राजा विशेश्वर बख्श सिंह का असमय निधन हो गया था । राजा के निधन के बाद उनकी रानी ने अपने पति का शव गोद में लेकर सती होने का संकल्प लिया । कहा जाता है कि सती होने से पहले रानी ने कहा थाअमेठी रजवाड़े में अब कोई रानी विधवा नहीं होगी ।तभी से यह विश्वास बना कि सती महारानी का आशीर्वाद अमेठी और यहां की महिलाओं पर हमेशा बना रहेगा ।