उत्तर प्रदेश

मेरठ में टेक्नीशियन ने किया इलाज, टांके की जगह लगाई फेवीक्विक

Meerut Hospital Feviquick Treatment: अगर आपको चोंट लगे और डॉक्टर टांके लगाने की बजाय फेवीक्विक लगा दे तो..हैरानी की बात है ना, लेकिन ये सच में हुआ है। उत्तर प्रदेश के मेरठ से कुछ दिन पहले एक ऐसा ही मामला सामने आया, जिसने लोगों को हैरान कर दिया। 

चोंट पर लगाई फेवीक्विक 

दरअसल, ढाई साल के मासूम की आंख के पास चोट लगी तो परिजन इलाज के लिए मेरठ के निजी अस्पताल भाग्यश्री में लेकर पहुंचेष लेकिन डॉक्टरों ने टांके लगाने के बजाय फेवीक्विक लगा दिया। इसको लेकर बच्चे के परिजन काफी गुस्से में हैं और इसे गंभीर लापरवाही मान रहे हैं। वहीं अब अस्पताल संचालक का बयान सामने आया है। पंकज ने मामले में लगे आरोपों को गलत बताया, वहीं स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। [caption id="attachment_118464" align="alignnone" width="569"] चोंट पर लगाई फेवीक्विक[/caption]

टेक्निशियन ने किया इलाज

बच्चे के पिता का कहना है कि बेटे की चोट पर अस्पताल में फेवीक्विक डाल कर चिपका दिया गया था। यहां तक की फेवीक्विक मुझसे ही मंगवाया गया। अस्पताल की इस लापरवाही की वजह से बच्चा रात भर दर्द से तड़पता रहा। उधर, अस्पताल के डॉयरेक्टर का कहना है कि अस्पताल में उस दिन कोई डॉक्टर नहीं था। टेक्निशियन ने ही बच्चे का इलाज किया। पूरी रात बच्चा दर्द में तड़पता रहा, अगले दिन परिजन दूसरे हॉस्पिटल लेकर गए वहां 3 घंटे चले इलाज के बाद बच्चे की चोंट से फेवीक्विक हटाकर टांके लगाए गए।  [caption id="attachment_118465" align="alignnone" width="569"] रातभर रोता रहा बच्चा[/caption]

Meerut Hospital Feviquick Treatment: जांच कमेटी गठित

फेवीक्विक से इलाज करने के मामले में परिजन की शिकायत पर CMO डॉ. अशोक कटारिया ने दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। इसमें एक डिप्टी CMO और एक सर्जन शामिल हैं। जांच टीम पूरी रिपोर्ट सौंपेगी।