उत्तर प्रदेश

कौशांबी में 8 साल की बच्ची के साथ रेप: समाजवादी पार्टी का डेलिगेशन पीड़ित परिवार से मिला

Kaushambi Rape Case: उत्तर प्रदेश के कोशांबी में 8 साल की मासूम बच्ची के साथ कथित रेप की घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। इस मामले में बृहस्पतिवार को समाजवादी पार्टी (सपा) का एक 8 सदस्यीय डेलिगेशन पीड़ित परिवार के घर पहुंचा। डेलिगेशन ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और घटना के बारे में विस्तृत जानकारी ली। इस डेलिगेशन में कानपुर के पूर्व सांसद राजा राम पाल सहित अन्य प्रमुख नेता शामिल थे। डेलिगेशन ने स्पष्ट किया कि इस घटना की पूरी जानकारी सपा मुखिया अखिलेश यादव को सौंपी जाएगी, ताकि आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा सके।

[caption id="attachment_87365" align="alignnone" width="300"] सपा डेलिगेशन पीड़ित परिवार से मिलकर जाना हाल[/caption]

पुलिस की कार्रवाई पर सवाल

डेलिगेशन के सदस्य और पूर्व सांसद राजा राम पाल ने मीडिया से बातचीत में पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने शुरुआत में जो मुकदमा दर्ज किया और कार्रवाई की, वह सही थी। हालांकि, बाद में सत्ता के दबाव में इस मामले को दबाने और गलत दिशा में मोड़ने की कोशिश की गई। राजा राम पाल ने आरोप लगाया कि सही कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया, जो अपने आप में एक साजिश को उजागर करता है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस व्यक्ति ने कथित तौर पर आत्महत्या की, वह अपने पेट पर कुछ लिखकर ऐसा नहीं कर सकता। इसके अलावा, पीड़ित परिवार का कोई भी सदस्य घटना के समय गांव या आसपास मौजूद नहीं था, फिर भी उन्हें झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है।

Kaushambi Rape Case: सपा की मांग

समाजवादी पार्टी ने इस मामले में न्याय की मांग की है। राजा राम पाल ने कहा कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला, तो सपा इस मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने मांग की कि वास्तविक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और जिन लोगों को झूठे मामलों में फंसाया गया है, उन्हें बिना शर्त रिहा किया जाए। डेलिगेशन ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने मुख्य आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धाराओं को हटाकर उसे रिहा कर दिया, जो सत्ता के दबाव में किया गया। सपा ने स्पष्ट किया कि वे इस मामले को लेकर कोई सियासत नहीं कर रहे हैं, बल्कि पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आयमन अहमद की रिपोर्ट