उत्तर प्रदेश

दोस्त को मैसेज में लिखा - “मैं प्रॉब्लम में हूं...” फिर लगाई यमुना नदी में छलांग

Student jumps into Yamuna River: दोस्त को लोकेशन भेजी, खेल रहे बच्चों को मोबाइल सौंपा और फिर नदी में छलांग लगा दी। उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक कॉलेज स्टूडेंट हिमांशु ने यमुना नदी के पुल से छलांग लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

“मैं प्रॉब्लम में हूं...”

हिमांशु ने आत्महत्या करने से पहले अपने दोस्त को एक मैसेज भेजा था, जिसमें उसने लिखा, “मैं प्रॉब्लम में हूं...”। इस मैसेज ने कई सवाल खड़े किए हैं कि आखिर हिमांशु इतना परेशान क्यों था कि उसने इतना बड़ा कदम उठा लिया। पुलिस उसकी बॉडी की तलाश में जुटी है और इस बात की जांच कर रही है कि हिमांशु ने आत्महत्या क्यों की।  [caption id="attachment_103727" align="alignnone" width="233"] कॉलेज स्टूडेंट हिमांशु[/caption]

वीडियो हुआ वायरल 

शामली जिले में यमुना नदी के पुल पर यह घटना 7 सितंबर 2025 को हुई। हिमांशु, जो एक कॉलेज छात्र था, ने पुल पर पहुंचने के बाद अपने दोस्त को अपनी लोकेशन भेजी। इसके बाद, उसने पास में खेल रहे कुछ बच्चों को अपना मोबाइल और लैपटॉप सौंप दिया और फिर बिना किसी हिचक के यमुना नदी में छलांग लगा दी। वीडियो में हिमांशु को कुछ मिनट तक पुल की रेलिंग पर लटकते और फिर नदी में कूदते देखा गया। इस वीडियो ने न केवल हिमांशु की आत्महत्या को सुर्खियों में ला दिया, बल्कि यह भी सवाल उठाए कि आखिर वह किस मानसिक स्थिति से गुजर रहा था।

हिमांशु का आखिरी मैसेज: “मैं प्रॉब्लम में हूं...”

हिमांशु ने आत्महत्या करने से कुछ ही मिनट पहले अपने दोस्त को एक मैसेज भेजा था, जिसमें उसने अपनी परेशानी का जिक्र किया। मैसेज में लिखा था, “मैं प्रॉब्लम में हूं...”। दोस्तों और परिचितों से पूछताछ में अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका कि हिमांशु किस तरह की समस्या से जूझ रहा था। हालांकि, पुलिस का मानना है कि यह मैसेज मानसिक तनाव या किसी व्यक्तिगत समस्या की ओर इशारा करता है। हिमांशु के दोस्तों ने बताया कि वह पिछले कुछ समय से चुप और उदास रहने लगा था, लेकिन उसने अपनी परेशानी को किसी के साथ खुलकर साझा नहीं किया।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

शामली पुलिस ने इस घटना के बाद तुरंत कार्रवाई शुरू की। घटनास्थल पर पहुंचकर पुलिस ने हिमांशु के मोबाइल और अन्य सामान को कब्जे में लिया, जो उसने बच्चों को सौंपा था। पुलिस ने नदी में हिमांशु की बॉडी की तलाश के लिए गोताखोरों और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की मदद ली। यमुना नदी में तेज धारा होने के कारण बॉडी की तलाश में काफी मुश्किलें आ रही हैं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वे हिमांशु के दोस्तों, परिवार और कॉलेज के सहपाठियों से पूछताछ कर रहे हैं ताकि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके। [caption id="attachment_103728" align="alignnone" width="455"] गोताखोर और NDRF की टीम कर रही तलाश[/caption] पुलिस ने यह भी पुष्टि की कि हिमांशु के मोबाइल की जांच की जा रही है, जिसमें उसके मैसेज, कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया को खंगाला जा रहा है। अभी तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिसके कारण पुलिस को आत्महत्या की वजह जानने में कठिनाई हो रही है। पुलिस ने यह भी कहा कि वे इस मामले में किसी भी तरह के फाउल प्ले की संभावना को खारिज नहीं कर रहे हैं और सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं।

Student jumps into Yamuna River: हिमांशु का परिवार

समालखा निवासी हिमांशु जयभगवान का बेटा है। जयभगवान सरकारी अध्यापक हैं। उनका बड़ा बेटा विदेश में पढ़ाई कर रहा है, जबकि छोटा बेटा हिमांशु BMS कर रहा था। शनिवार शाम को जब वह घर नहीं लौटा था। इसके कुछ समय बाद हिमांशू के नदी से कूदने का वीडियो वायरल होने पर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

यमुना नदी में आत्महत्याएं

बता दें कि, यमुना नदी में आत्महत्या की यह कोई पहली घटना नहीं है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश और अन्य आसपास के क्षेत्रों में यमुना नदी के पुल, विशेष रूप से सिग्नेचर ब्रिज और नए यमुना पुल, आत्महत्या के लिए कुख्यात हो चुके हैं। 2025 में यमुना नदी में आत्महत्या के कई मामले सामने आए हैं। [caption id="attachment_103729" align="alignnone" width="410"] यमुना में सुसाइड करने का आंकड़ा[/caption]

आत्महत्या रोकने के लिए उपाय

यमुना नदी के पुलों पर आत्महत्याओं को रोकने के लिए कुछ प्रयास किए गए हैं, लेकिन ये पर्याप्त नहीं हैं। प्रयागराज में नए यमुना पुल पर नेट लगाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन अभी तक यह पूरी तरह लागू नहीं हुई है। दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज पर भी निगरानी की कमी और गैर-कार्यशील सीसीटीवी कैमरों की समस्या बार-बार सामने आई है। Student jumps into Yamuna River: पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने कुछ मामलों में त्वरित कार्रवाई की है। उदाहरण के लिए, 2019 में दिल्ली पुलिस ने सिग्नेचर ब्रिज से कूदने की कोशिश कर रहे एक व्यक्ति को बचाया था। इसी तरह, प्रयागराज में स्थानीय नाविकों और पुलिस ने 2021-2022 में 50 में से 46 लोगों को नदी में कूदने से बचा लिया था। हालांकि, ये प्रयास छिटपुट हैं और आत्महत्याओं की बढ़ती संख्या को रोकने के लिए व्यापक रणनीति की जरूरत है।

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