UP SIR CM Yogi Meeting: उत्तर प्रदेश की राजनीति में फिर हलचल तेज हो गई है। SIR की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होते ही राजनीतिक दल एक्टिव मोड में आ गए। एक ओर जहां निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया के बाद लाखों मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, वहीं दूसरी ओर नए मतदाता जोड़ने और कटे हुए नामों को दोबारा शामिल कराने के लिए राजनीतिक दलों ने कमर कस ली।
CM योगी ने की बैठक
भारतीय जनता पार्टी ने इस एक महीने को बेहद अहम मानते हुए संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर जिम्मेदारियां तय कर दी है। यूपी में वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर बदलाव हुआ। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और BJP के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पार्टी और सरकार के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक वर्चुअल बैठक कर आगे की रणनीति तय की।
बैठक में राज्य सरकार के मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, MLC, संगठन के पदाधिकारियों और जिलाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अगले एक महीने में ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित कराया जाए।
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CM योगी ने ली बैठक[/caption]
UP SIR CM Yogi Meeting: 3 वर्गों पर फोकस
BJP की ओर से यह संदेश साफ तौर पर दिया गया है कि इस अभियान में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पार्टी का फोकस 3 वर्गों पर रखा गया है।
पहला - नए युवा मतदाता जो उम्र पूरी होने के बावजूद अब तक वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो पाए हैं।
दूसरा - वे मतदाता जिनके नाम दस्तावेजों की कमी या तकनीकी गलती के कारण लिस्ट से हट गए हैं। तीसरा - मतदाता जिनका पता सत्यापन के दौरान नहीं मिल पाया या जिनकी मैपिंग नहीं हो सकी।