उत्तर प्रदेश

लोकतंत्र सदनों तक सीमित नहीं..पीठासीन अधिकारी सम्मेलन में बोले CM योगी, लोकसभा अध्यक्ष हुए शामिल

CM Yogi Presiding Officers Conference: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में तीन दिवसीय 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम में लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला शामिल हुए। वहीं, राज्यसभा के उप-सभापति हरिवंश ने चर्चा का संचालन किया।

‘लोकतंत्र की आत्मा’

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश आए सभी अतिथियों का स्वागत किया, और कहा संविधान संरक्षक के रूप में यह अपनी भूमिका का निर्वहन करते हुए देश में न केवल विधायी कार्यों के लिए रूपरेखा तैयार करती है, बल्कि समग्र विकास की कार्ययोजना का मंच भी होती है। संविधान के 3 शब्द (न्याय, समता और बंधुता) भारत के लोकतंत्र की आत्मा के रूप में काम करते हैं। न्याय कैसे मिलना है, इसका कानून विधायिका के मंच पर तैयार होता है। [caption id="attachment_129589" align="alignnone" width="589"] पीठासीन अधिकारी सम्मेलन में शामिल हुए CM योगी[/caption]

CM Yogi Presiding Officers Conference: ‘लोकतंत्र सदनों तक सीमित नहीं’

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि लोकतंत्र केवल सदनों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्राम पंचायतों, नगर निकायों और जिला पंचायतों तक इसकी प्रेरणा जानी चाहिए। राज्य सरकार अधिकारियों के सम्मेलन से निकली कार्ययोजनाओं को पूरी प्रतिबद्धता के साथ लागू करेगी। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश को जो भी दायित्व मिलेगा, राज्य उसे प्रभावी ढंग से निभाएगा।

लोकसभा अध्यक्ष ने की UP की तारीफ

CM Yogi Presiding Officers Conference: सभा को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने देशभर की विधायिकाओं में अपनाई जा रही सर्वोत्तम प्रक्रियाओं को उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यप्रणाली में समाहित करने के लिए UP विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना के प्रयासों की प्रशंसा की।  साथ ही, ओम बिरला ने विधायकों की शैक्षणिक योग्यताओं और पेशेवर अनुभवों को पहचान कर उनका रचनात्मक उपयोग करने की महाना की पहल की भी सराहना की। पूर्ववर्ती AIPOC सम्मेलनों के प्रमुख विमर्शों को स्मरण करते हुए बिरला ने उत्कृष्टता, नवाचार और प्रौद्योगिकी के उपयोग जैसे मानकों पर राज्य विधायिकाओं के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की जरूरत पर बल दिया।