Old couple Chitrakoot home: चित्रकूट जनपद के कर्वी कोतवाली क्षेत्र के ताम्रबनी गांव से एक मार्मिक मामला सामने आया है, जहां वृद्ध दंपत्ति ननकू यादव (70) और कल्ली देवी (65) अपने ही घर को बचाने के लिए प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं। दंपत्ति का आरोप है कि कुछ दबंग लोग उनके आंगन में जबरन दीवार और दरवाजा बनाकर उनके मकान पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। सोमवार को दोनों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर शिकायत पत्र सौंपा और न्याय की मांग की। यह मामला न केवल उनकी व्यक्तिगत पीड़ा को दर्शाता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुजुर्गों के साथ होने वाली ज्यादतियों को भी उजागर करता है।
बार-बार शिकायत, फिर भी कार्रवाई का इंतजार
ननकू यादव ने बताया कि उन्होंने इस मामले की शिकायत कई बार स्थानीय थाना, एसडीएम, और राजस्व विभाग में की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हर बार उन्हें केवल आश्वासन मिले, जिससे उनका भरोसा टूटता जा रहा है। ननकू ने कहा, “हमने कई बार अधिकारियों के चक्कर काटे, लेकिन हर बार खाली हाथ लौटना पड़ा। दबंग लोग आए दिन हमें धमकाते हैं।” उनकी पत्नी कल्ली देवी ने रोते हुए कहा, “जिंदगीभर मेहनत करके हमने यह घर बनाया। अब बुढ़ापे में हमें अपने ही घर में डर के साये में जीना पड़ रहा है। हम कहां जाएं?” यह दंपत्ति अब अपने ही घर में असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है।
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वृद्ध दंपत्ति ननकू यादव और कल्ली देवी अपने ही घर को बचाने के लिए प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं।[/caption]
पीड़ितों को मिलेगा न्याय
वृद्ध दंपत्ति की फरियाद सुनने के बाद जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि पीड़ितों को न्याय मिलेगा और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से मिलने वाले आश्वासनों का अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है। ताम्रबनी गांव के अन्य निवासियों ने भी इस मामले में प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है, ताकि दबंगों के हौसले पस्त किए जा सकें।
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Old couple Chitrakoot home: बुजुर्गों की पीड़ा
यह मामला केवल ननकू और कल्ली की कहानी नहीं है, बल्कि उन तमाम बुजुर्गों की व्यथा को दर्शाता है, जो अपने जीवन की सांझ में अपने अधिकारों के लिए लड़ने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दबंगों द्वारा कमजोर और बुजुर्ग लोगों को निशाना बनाना आम बात हो गई है। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक सुस्ती और कमजोर कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाती है।
सुरेन्द्र सिंह कछवाह की रिपोर्ट