उत्तर प्रदेश
बरेली बवाल पर सियासत, सपा के प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने रोका, इकरा बोली - यूपी में अघोषित इमरजेंसी
Bareilly Violence Politics: बरेली में हुए बवाल को 8 दिन बीत चुके हैं, लेकिन इसकी गूंज अब तक शांत नहीं हुई है। सियासत गरमाई हुई है और विपक्षी दल लगातार सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी (सपा) का 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बरेली जाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
दिल्ली से बरेली के लिए रवाना हुए सांसद हरेंद्र मलिक, इकरा हसन और मोहिबुल्लाह नदवी को गाजियाबाद बॉर्डर पर ही रोक दिया गया। करीब 40 मिनट तक सांसद मौके पर अड़े रहे, लेकिन आखिरकार पुलिस ने उन्हें वापस लौटा दिया।
इकरा हसन को रोका[/caption]
माता प्रसाद पांडेय के घर के बाहर पुलिस तैनात[/caption]
[caption id="attachment_108654" align="alignnone" width="605"] बर्क के घर के बाहर पहरा[/caption]
बर्क ने सरकार और पुलिस की कार्यवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि बरेली में जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनका क्या दोष है? अगर उनके खिलाफ कोई सबूत है, तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा? उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया।
[caption id="attachment_108658" align="alignnone" width="624"] सांसद जियाउर्रहमान बर्क[/caption]
"यूपी में अघोषित इमरजेंसी"
गाजियाबाद बॉर्डर पर रोके जाने के बाद सपा सांसद इकरा हसन ने सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अघोषित इमरजेंसी जैसे हालात हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई व्यक्ति ‘आई लव महादेव’ या ‘आई लव श्रीराम’ लिखता है तो किसी को आपत्ति नहीं होती, तो फिर ‘आई लव मोहम्मद’ लिखने में क्या गलत है? इकरा हसन ने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रही है और विपक्षी नेताओं को पीड़ितों तक पहुंचने नहीं दिया जा रहा है। [caption id="attachment_108652" align="alignnone" width="641"]नेता प्रतिपक्ष और सांसद को रोका गए
लखनऊ में सपा के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय को पुलिस ने उनके घर पर ही नजरबंद कर दिया। संभल से सांसद जियाउर्रहमान बर्क जब बरेली जाने के लिए निकले तो पुलिस ने उन्हें भी रोक दिया। इंस्पेक्टर राजीव कुमार मलिक उनके सामने खड़े हो गए और उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया। [caption id="attachment_108653" align="alignnone" width="600"]Bareilly Violence Politics: बरेली में इंटरनेट बंद
घटना के बाद से बरेली में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। प्रशासन ने एहतियातन इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं, जो अब तक चालू नहीं हो पाई हैं। 26 सितंबर को ‘आई लव मोहम्मद’ को लेकर जुमे की नमाज के बाद भारी बवाल हुआ था। इसके बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए अब तक 81 लोगों को जेल भेजा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अब तक कुल 10 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इस मामले में करीब 2,500 लोगों को उपद्रवी बताया गया है, जिनमें से 200 लोगों को नामजद किया गया है।मौलाना तौकीर रजा मास्टरमाइंड
पुलिस ने दावा किया है कि बरेली बवाल की साजिश रची गई थी और इसके पीछे मौलाना तौकीर रजा का हाथ है। पुलिस का कहना है कि यह पूरी घटना सुनियोजित तरीके से कराई गई थी, ताकि इलाके में तनाव फैलाया जा सके। हालांकि इस दावे को लेकर राजनीति भी गरमा गई है। तौकीर रजा खुद को निर्दोष बताते हैं और उन्होंने बीजेपी पर ही षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया है।नीरज बोले – "तौकीर रजा भाजपा एजेंट"
पुलिस की रोक-टोक के बावजूद सपा सांसद नीरज बरेली पहुंचने में सफल रहे। वहां पहुंचकर उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई लोकतंत्र की हत्या है। नीरज ने मौलाना तौकीर रजा पर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि वे बीजेपी के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। उनका आरोप था कि तौकीर रजा जानबूझकर सांप्रदायिक माहौल खराब करते हैं और बीजेपी को इसका राजनीतिक फायदा होता है। नीरज ने सरकार से मांग की कि निर्दोष लोगों को जेल से छोड़ा जाए और असली दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।Bareilly Violence Politics: राजनीतिक सरगर्मी
बरेली बवाल के बाद से उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है। सपा नेताओं का कहना है कि सरकार विपक्ष की आवाज दबा रही है, वहीं बीजेपी और प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी हैं। विपक्ष जहां इसे लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला बता रहा है, वहीं पुलिस का कहना है कि माहौल को शांत रखना उनकी पहली जिम्मेदारी है।I Love Muhammad पर बवाल क्यों? पर्दे के पीछे कौन?…CM योगी बोले – मौलाना भूल गया कि शासन किसका
I Love Muhammad Controversy: 4 सितंबर को कानपुर में बारावफात के जुलूस के दौरान एक समूह ने ‘I Love Muhammad’ लिखा बैनर लगाया। लेकिन उस वक्त नहीं पता था की ये बैनर दंगे भड़का देगा। इस बैनर का स्थानीय हिंदू संगठनों ने विरोध किया।पुलिस ने बैनर हटाए और 9 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की। 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई।